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गोरखपुर जाने वाली ट्रेन से जबरन बरेली जंक्शन पर उतर गए करीब सौ श्रमिक

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बरेली जंक्शन पर बैठे बाहर से आए श्रमिक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सभी के पास था गोरखपुर का टिकट, लेकिन जाना था रामपुर, बदायूं, पीलीभीत
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एसडीएम सदर ने हरूनगला शेल्टर होम भेजा, वहां से रोडवेज बसों से हुए रवाना

बरेली। गोरखपुर का टिकट होने के बाद भी करीब सौ श्रमिक और उनके परिवार जबरदस्ती जंक्शन पर उतर गए। दोपहर तक वे जंक्शन पर बैठे रहे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ने उन्हें हरूनगला शेल्टर होम भेजा। स्क्रीनिंग के बाद वहां से सभी को रोडवेज बसों से उनके घर भेजा गया।
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मंगलवार सुबह सात बजे लुधियाना से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन जंक्शन पहुंची। इसमें सवार सभी श्रमिकों के पास गोरखपुर तक का टिकट था, लेकिन ट्रेन में पीलीभीत, रामपुर, बदायूं और बरेली जिले के भी श्रमिक और उनके परिवार सवार थे। श्रमिकों को खाना-पानी देने के लिए ट्रेन का यहां जंक्शन पर पांच मिनट का ठहराव था। ट्रेन रुकने के समय आरपीएफ और जीआरपी नदारद थी। बरेली और उसके सीमावर्ती जिलों के श्रमिकों को गोरखपुर जाकर वहां से करीब आठ घंटे का सफर तय करके अपने घर पहुंचना पड़ता। इससे बचने के लिए ये सभी श्रमिक और उनके परिवार जबरन जंक्शन पर उतर गए और जंक्शन के बाहर आकर बैठ गए। दोपहर तक श्रमिक प्लेटफार्म के बाहर बैठे रहे। इस बीच किसी ने एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह को श्रमिकों के परेशान होने की सूचना दी तो वह तुरंत ही मौके पर पहुंचे और श्रमिकों को रोडवेज बसों से हरूनगला शेल्टर होम पहुंचाया। वहां मेडिकल चेकअप के बाद उन्हें बसों से घर भेज दिया गया।

आरएसएस ने श्रमिकों को दिए बिस्कुट, खाने के पैकेट और पानी

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के रामाशंकर कौशिक अनेक पदाधिकारियों के साथ मंगलवार सुबह ही जंक्शन पर पहुंच गए। श्रमिक स्पेशल ट्रेन पांच मिनट के लिए जंक्शन पर आकर रुकी तो उन्होंने श्रमिकों को खाने के पैकेट, बिस्कुट, कोल्ड ड्रिंक और पानी की बोतलें बंटवाईं।
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