अधिकारियों ने बताया कि एनसीईआरटी के दिल्ली स्थित कार्यालय को सूचना मिली थी कि भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्टरी में किताबों की अवैध छपाई हो रही है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही मिले तो छापा मारा गया। टीम में शामिल लोगों ने मीडियाकर्मियों को कुछ भी बताने से परहेज किया। वे काफी घबराए दिख रहे थे।
फैक्टरी का नहीं है कोई नाम, अंदर जाने की मनाही
सूत्रों के मुताबिक कागज फैक्टरी में काफी समय से एनसीईआरटी की किताबें हूबहू प्रकाशित की जा रही थीं। ये किताबें शहर में कई जगह कम कीमत पर खपाई जा रही थीं। फैक्टरी मालिक बरेली का निवासी बताया जा रहा है। फैक्टरी पर कोई नाम या पंजीकरण नंबर अंकित नहीं है। गेट के आसपास ही फैक्टरी मालिक के कुछ लोग रहते हैं जो किसी को अंदर नहीं घुसने देते। शुक्रवार को छापे के दौरान भी उन्होंने किसी को अंदर नहीं जाने दिया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी नहीं दी जानकारी
सूचना लीक न हो जाए, इस डर से टीम ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी। डीआईओएस सोमारू प्रधान और बीएसए विनय कुमार ने मामले से अनभिज्ञता जताई।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि एनसीईआरटी दिल्ली की टीम ने कागज फैक्टरी में अवैध तरीके से छापी जा रहीं किताबें बरामद की हैं। उन्होंने फैक्टरी संचालक आदि पर कार्रवाई कराने को कहा है। उनकी तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करेगी।