फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वकीलों और अफसरों के टकराव में अब लाठियां चलने की नौबत

विज्ञापन
विज्ञापन
नवाबगंज। अधिवक्ताओं और तहसील प्रशासन के बीच चल रहे विवाद में अब लाठियां चलने की नौबत आ गई है। बुधवार को तहसील में वकीलों ने नारेबाजी शुरू की तो एसडीएम ने फोर्स बुला ली। हालांकि फोर्स के पहुंचने से पहले ही वकील नारेबाजी करते हुए परिसर निकल गए। इस पर कुछ देर बाद पहुंची फोर्स भी वहीं से चली गई, लेकिन जैसी ही पुलिस फोर्स तहसील परिसर से गई, लेखपाल और अमीन लाठी-डंडे लेकर कार्यालय से बाहर आ गए। इसकी जानकारी जब वकीलों को मिली तो उनमें गुस्सा और बढ़ गया। वकीलों ने बैठक कर विरोध को और तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

कस्बे के मोहल्ला आदर्शनगर निवासी फूल कुमार शर्मा और ओमेंद्र देव आर्य का विरासत दर्ज कराने को लेकर कानूनगो तनवीर अहमद और लेखपाल मोहम्मद वसीम से विवाद हो गया था, जिसके चलते लेखपालों ने अधिवक्ताओं को कमरे में बंद कर दिया था। इसकी सूचना मिलते ही तमात अधिवक्ता तहसील में एकत्र हो गए थे। उन्होंने तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। बाद में अधिवक्ता तहसीलदार आनंद कुमार तिवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे कोतवाल गौरव सिंह और एसडीएम अरुणमणि तिवारी ने दोनों पक्षों को शांत कराया था। इसको लेकर सोमवार से अधिवक्ता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को धरने के दूसरे दिन एसडीएम ने धारा 144 के नोटिस तामील कराया तो अधिवक्ता और उग्र हो गए। हालांकि उन्होंने नोटिस लेने से मना कर दिया। बुधवार को अधिवक्ता तहसील परिसर में नारेबाजी कर विरोध करने के बाद अपने कक्ष में चले गए। अधिवक्ताओं के जाते ही एसडीएम अरुण मणि तिवारी तहसील पहुंच गए और भारी पुलिस बल बुला लिया। अधिवक्ताओं के जाने के बाद मौके पहुंची पुलिस वहां से चली गई। पुलिस के जाते ही लेखपाल और अमीन व तहसील कर्मी लाठी डंडा लेकर अपने कक्ष से बाहर निकल आए और अधिवक्ताओं के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामले की सूचना पर बार अध्यक्ष ने बैठक बुलाकर आर पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। सूत्रों की माने तो गुरुवार को बड़े स्तर पर अधिवक्ता प्रदर्शन करने के मूड में है। वहीं उप्र व्यापार उद्योग मंडल भी अधिवक्ताओं के समर्थन में उतर आया है।
जिला प्रशासन के साथ आज हो सकी है वार्ता
जिला प्रशासन लगातार दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने को लेकर प्रयासरत है, लेकिन अधिवक्ता एसडीएम और तहसीलदार का तबादला होने से पहले वार्ता करने की मूड में नहीं हैं। इसको लेकर बार अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं, दोनों अफसरों के तबादले के अलावा इस विवाद का कोई हल नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें