फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवाबगंज नगर पालिका की जांच का मामला

Sun, 18 Jun 2017 01:19 AM IST
बरेली/नवाबगंज।
विज्ञापन
Nawabganj municipality investigation case - फोटो : Nawabganj municipality investigation case
विज्ञापन
शनिवार को एडीएम (प्रशासन) एसपी सिंह ने टीम के साथ पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर पर लगे आरोपों की जांच को पहुंची, लेकिन रिकार्ड की फाइल नहीं मिल पाई। एडीएम (प्रशासन) ने बताया कि जांच के दौरान शहला ताहिर के कार्यकाल में हुए ठेकों भी अनियमितताएं मिलीं है। नियम यह है कि पिछले सालों से कम रुपयों में ठेका नहीं दिया जाता है लेकिन शहला ताहिर के कार्यकाल में यह भी हु है। दुकानों की नीलामी में तमाम खामियां मिल रही हैं। सड़कों के निर्माण में भी घपला है। सड़कों का अधिक भुगतान कर दिया गया। हैंडपंप भी नियमानुसार नहीं लगाए गए हैं। इन दोनों ही मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। 
विज्ञापन

पूर्व पालिकाध्यक्ष रविन्द्र सिंह राठौर व सभासदों की शिकायत पर डीएम द्वारा एडीएम प्रशासन की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को जांच पड़ताल की। तीन दिन पूर्व भी इसी टीम ने पालिका कार्यालय पहुंचकर जांच की थी। टीम ने पालिका के अभिलेखों का सघन निरीक्षण किया था लेकिन आरोपों से सम्बन्धित पत्रावलियां उन्हें उपलब्ध ही नहीं हो सकी थी। एडीएम ने पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर सारी पत्रावलियां उपलब्ध कराने को कहा थालेकिन पालिकाध्यक्ष की ओर से पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई गईं। एडीएम ने बताया कि पालिकाध्यक्ष के लखनऊ में होने के कारण ही ये पत्रावलियां नहीं मिल सकी हैं। उनके भतीजे ने पत्रावलियों से संबंधित पत्र रिसीव किया है। जबकि परिषद की कैश बुक व चेक बुक के साथ ही ठेके आदि की सारी पत्रावलियां उन्हें मिल गई है। एडीएम ने खानकाह से सिजौलिया तिराहे तक मिट्टी के कार्य व नाला निर्माण पर हुए डेढ़ करोड़ के खर्च की शिकायत पर इसका निरीक्षण कर , लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को इसकी लागत के आंकलन को पत्र लिखा है तो कैश बुक में चल शौचालय व ठेका प्रथा पर लगाए गए कर्मचारियों के भुगतान संबंधी मामलों को भी एडीएम ने देखा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें