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बरेली: मंदिर में पूजा करने से रोकी गईं अनुसूचित जाति की बेटियां, जमकर हुआ हंगामा

Mon, 30 Sep 2019 02:08 AM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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पुजारी को समझाते पुलिसवाले। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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रिठौरा (बरेली)। कस्बे में झलरा पीपल मंदिर पर नवरात्र के पहले दिन अनुसूचित जाति की लड़कियों को पूजा करने से रोका गया तो हंगामा हो गया। लड़कियां मंदिर की दीवार पर गौरी गणेश की आकृतियां बना रही थीं। उन्हें रोका तो वे अभिभावकों को बुला लाईं। इस पर वहां हंगामा होने लगा और यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पुजारी को समझाकर मामला रफा-दफा कराया और लड़कियों को पूजा करने दी गई। तीखे आरोप लगे तो पुजारी गंदगी फैलने की बात कहकर बचाव करने लगे। 

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रिठौरा के मोहल्ला साहूकारा की मलिन बस्ती में झलरा पीपल मंदिर है। रविवार सुबह नवरात्र के पहले दिन बस्ती की लड़कियां यहां पूजन करने आईं। इससे पहले वे मंदिर की दीवारों पर गौरी परिवार की आकृतियां बनाने लगीं। तभी मंदिर के पुजारी कालीचरण बाहर निकल आए। हर साल विरोध जताने वाले पुजारी ने इस बार भी नाराजगी जताई और लड़कियों को आकृतियां बनाने से रोक दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में फूल चढ़ाने पर भी एतराज जताया। जब लड़कियां मंदिर से बिना पूजा किए घर लौटीं तो घटनाक्रम सुनकर उनके परिवार के लोगों का पारा चढ़ गया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष इकट्ठे होकर मंदिर आ गए। उन्होंने मंदिर को अपने चंदे से बनाने का दावा करते हुए हंगामा कर दिया। माहौल बिगड़ता देखकर पुजारी ने यूपी 100 को कॉल कर दी। पुजारी का कहना था कि यह दीवार उन्होंने अपने निजी धन से बनवाई है। वह यहां न कोई चित्र बनाने देंगे और न ही फूल चढ़ाने देंगे। लोग और कहीं जाकर पूजा करें। ज्यादा हंगामा होता देख पुलिसकर्मी भी एकबारगी घबरा गए। तुरंत चौकी से और पुलिस बुला ली गई। मौके पर आए दरोगा खचेड़ू सिंह यादव ने पुजारी को समझा-बुझाकर लड़कियों से पूजन कराया।

मैं इस साल यह पूजा करा ले रहा हूं, अगले साल नहीं करने दूंगा। यह लोग अपने पशुओं को मंदिर परिसर की दीवार से सटाकर बांधते हैं। इससे एक साइड की दीवार गिर गई जो अभी तक नहीं बन सकी है। मंदिर में फैलने वाली गंदगी की वजह से विरोध करता हूं, और कोई बात नहीं है। 
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 - कालीचरण, पुजारी 

अनुसूचित जाति की बेटियों को पूजा न करने देने का आरोप सही नहीं है। मंदिर उन्हीं लोगों की बस्ती में है और पुजारी भी कश्यप जाति के हैं। उन्होंने दीवार पक्की होने और बरसात का हवाला देकर लड़कियों से कहा था कि मिट्टी से दीवार पर आकृति बनाने से बाद में गंदगी होगी। इसी पर बेवजह का शोर मचा। बाद में वैसे ही पूजन करा दिया गया जैसा लोग चाहते थे। 
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- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी

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