बरेली। इस बार महाशिवरात्रि पर शहर नव्य, भव्य और दिव्य स्वरूप में नजर आएगा। शहर के प्रवेश द्वारों पर नंदी और नटराज के दर्शन होंगे। गेंदे और गुलाब के फूलों से शहर को सजाया जाएगा। लाइटिंग और लैंडस्केपिंग के जरिये पूरे शहर को शिवमय बनाया जाएगा। बरेली विकास प्राधिकरण इसकी तैयारियों में जुट गया है। उल्लास भरे वातावरण में भक्ति और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शहरवासी इसमें अध्यात्म की डुबकी लगाएंगे।
महाशिवरात्रि पर इन तैयारियों का उद्देश्य शहर की धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ना है। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रतिमाओं की स्थापना से शहर की एक विशिष्ट पहचान बनेगी और बाहर से आने वाले लोगों को नाथ नगरी की महिमा का अनुभव होगा। बरेली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि महाशिवरात्रि पर किला से कुतुबखाना व आलमगिरीगंज तक बाजार को सजवाया जाएगा। व्यापारी से संपर्क कर इसकी तैयारी की जा रही है। 14 से 16 फरवरी तक गेंदे व गुलाब के फूलों की सजावट देखने को मिलेगी।
दिल्ली की ओर से शहर आने वाले आगंतुकों और श्रद्धालुओं के लिए इस बार का अनुभव बेहद खास होने वाला है। झुमका तिराहे पर उन्हें भगवान शिव और उनके वाहन नंदी के दर्शन होंगे। वहां नंदी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जिसे महाशिवरात्रि पर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। नंदी की प्रतिमा के आसपास फोटो खिंचवाने के लिए सेल्फी प्वाॅइंट तैयार किया जा रहा है। बीडीए की ओर से बनाए गए इस द्वार को अवैद्यनाथ द्वार का नाम दिया गया है।
लखनऊ की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को रजऊ तिराहे पर भगवान नटराज की प्रतिमा और त्रिशूल के दर्शन होंगे। इससे शहर की सात नाथ मंदिरों वाली पहचान और मजबूत होगी। महाशिवरात्रि पर झुमका तिराहे और उसके आसपास डिवाइडरों पर पौधरोपण भी किया जाएगा। रंग-बिरंगे फूलों और सजावटी पौधों के जरिये इस चौराहे को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले लोग भक्ति के साथ प्रकृति के सौंदर्य को भी देख सकेंगे।