मुख्यमंत्री के नए प्रोजेक्ट के तहत दी गई है तैनाती
बरेली। फुटबॉल की शान रहे नसीम अख्तर के कंधों पर फुटबॉल हॉस्टल की कमान सौंपी गई है। वह अब हॉस्टल के लिए खिलाड़ियों को निखारेंगे। 25 साल के फुटबॉल करियर में आठ साल तक भारतीय सीनियर टीम का नसीम को अनुभव प्राप्त है, जिसमें फीफा वर्ल्डकप फाइनल क्वालिफाई में भी उनकी अहम भूमिका रही है, वहीं उनके बाद यूपी का कोई अन्य खिलाड़ी भारतीय टीम में इतने लंबे समय से नहीं टिक सका है।
प्रदेश सरकार की ओर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से प्रशिक्षण दिलाने के प्रोजेक्ट के तहत नसीम अख्तर को बरेली हॉस्टल के लिए चुना गया है। मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले नसीम 1994 में पहला अंडर 16 का नेशनल खेेलने गए थे, जहां से उन्हें टाटा एकेडमी में बेहतर प्रदर्शन के दौरान सीधी एंट्री मिली। उन्होंने इसके बाद पलट कर नहीं देखा और काफी लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने कहा कि वह यूपी में काफी समय बाद लौटे हैं, उनके फुटबॉल की शुरुआत भले ही यूपी से हुई थी लेकिन कोई उन्हें ऊचाईयां मिलती रही। वह चाहते हैं कि यूपी से भारतीय टीम की शान बनने वाले खिलाड़ी निकलें। उन्होंने 11 से अधिक क्लब की ओर से राष्ट्रीय लीग मैच भी खेले हैं। संवाद
- नसीम का करियर...
0. अंतरराष्ट्रीय : 2004 में फीफा वर्ल्डकप क्वालिफाई मैच, एफसी कप चैपिंयन, एलजीकप, 2003 सैफ कप, एशियन कप चैंपियनशिप, प्रेसिडेंट ऑफ मॉलद्वीप सॉकर कप, 2002 एशियन गेम्स, इंडिया बनान उज्केबिस्तान, एलजीकप, इंडिया बनाम जमाइका, 1998 ब्रिस्टल फ्रीडम कप, 31 एशियन यूथ फुटबॉल चैंपियनशिप।
0. राष्ट्रीय : 2013 संतोष ट्राॅफी में यूपी टीम कप्तान, 2011 संतोष ट्रॉफी में पश्चिम बंगाल की ओर से, 2003 संतोष ट्राॅफी में यूपी टीम कप्तान, 2001 महाराष्ट्र की ओर से संतोष ट्राॅफी, 1997 बिहार की ओर से जूनियर नेशनल चैंपियनशिप, 1994 में अंडर-16 जूनियर नेशनल चैंपियनशिप।