सिरौली थाने के चौकी इंचार्ज और एक दरोगा पर आरोप, आईजी ने सीओ तृतीय को सौंपी जांच
सिरौली। लभारी गांव के जिस महेंद्र पाल को लखनऊ नारकोटिक्स की टीम तलाश रही थी, सिरौली थाने के एक चौकी इंचार्ज और दरोगा ने उसे पकड़ने के बाद 1.35 लाख रुपये वसूलकर छोड़ दिया। वसूली की शिकायत पर आंवला विधायक धर्मपाल सिंह ने आईजी रमित शर्मा से शिकायत की, जिस पर मामले की जांच सीओ तृतीय साद मियां खान को सौंपी गई है।
लखनऊ में बड़े पैमाने पर अफीम तस्करी पकड़े जाने के मामले में लभारी के महेंद्र पाल का नाम भी आया था। उसकी तलाश में लखनऊ नारकोटिक्स की टीम ने मंगलवार को उसके घर और रिश्तेदारियों में दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं आया। मगर इस बीच सिरौली के एक चौकी इंचार्ज और एक दरोगा ने उसे दो बार पकड़ा और 1.35 लाख रुपये वसूलकर छोड़ दिया। महेंद्र ने अपने परिवार वालों के साथ इस वसूली की शिकायत आंवला विधायक धर्मपाल सिंह से की है। उसने विधायक को नारकोटिक्स टीम को दबिश के दौरान उसके घर में कुछ नहीं मिला। इसके बाद 24 जुलाई की रात करीब 11 बजे एक चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे और मारपीट कर चौकी ले गए। चौकी पर उनसे एक लाख रुपये की मांग की गई और रुपये न देने पर अफीम लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। बमुश्किल 75 हजार रुपये लेकर चौकी इंचार्ज छोड़ने को तैयार हुए लेकिन परिजन 73 हजार रुपयों का ही इंतजाम कर सके। दो हजार रुपये कम होने पर चौकी इंचार्ज ने छोड़ने से इनकार कर दिया। एक रिश्तेदार से दो हजार रुपये मंगाकर देने के बाद ही चौकी इंचार्ज ने उसे छोड़ा।
वारंट सही कराने के नाम पर भी 60 हजार वसूले
महेंद्र ने विधायक को बताया कि 22 जुलाई को भी एक दरोगा ने वारंट सही कराने के नाम पर उन्हें सिरौली थाने में बुलाया था। झारखंड में वारंट बताकर उसे धमकाया गया और रुपयों की मांग की गई। जब उन्होंने दरोगा को 60 हजार रुपये दे दिए, तभी उसे छोड़ा गया।
चौकी इंचार्ज बोला, खाते से निकालकर दे दूंगा रुपये
विधायक ने बताया कि महेंद्र की शिकायत पर उन्होंने एसएसपी और एसपी देहात से बात करके चौकी इंचार्ज की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। तब चौकी इंचार्ज सफाई देने उनके आवास पर पहुंच गया और रुपये लेने से इनकार कर दिया। मगर जब उन्होंने नाराजगी जताई तो चौकी इंचार्ज ने रुपये बैंक से निकालकर देने की बात कही। मगर रुपये वापस न मिलने पर महेंद्र ने दोबारा विधायक से शिकायत की तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी आईजी रमित शर्मा को देकर कार्रवाई कराने को कहा।
प्रधान से सात लाख की वसूली में फंस चुकी अलीगंज पुलिस
बरेली। आंवला सर्किल के ही दूसरे थाने अलीगंज की पुलिस ग्राम ढकिया के प्रधान छत्रपाल को अफीम में जेल भेजने की धमकी देकर सात लाख रुपये वसूलने के मामले में फंस चुकी है। इस मामले में दो दरोगा और दो सिपाहियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
दिसंबर 2019 में प्रधान छत्रपाल ने आरोप लगाया था कि थाना अलीगंज में तैनात दरोगा नितिन शर्मा व मुकेश कुमार और सिपाही देवेंद्र व धनंजय ने उनकी कार को रोक लिया। कार में अफीम होने की बात कहकर उन्हें गैनी चौकी ले जाया गया। वहां अफीम हाथ में रखकर वीडियो बनाया और जेल भेजने की धमकी दी। फिर सात लाख रुपये वसूलकर छोड़ दिया। इस मामले में प्रधान ने ग्रामीणों के साथ थाने में हंगामा किया तो दोनों दरोगा और दोनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके चारों को सस्पेंड कर दिया गया था। ब्यूरो
दबिश के नाम पर रुपये वसूलने के आरोप में विधायक ने फोन करके शिकायत की थी। मामले की जांच एएसपी साद मियां खान को सौंपी गई है। - रमित शर्मा, आईजी