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पूरी रात बरातों के नाम रहीं बरेली की सड़कें, हर दिखी सड़क जाम

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फुलेरा दूज पर भारी सहालग के चलते बरेली शहर के सभी रास्ते जाम रहे। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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पीलीभीत और बदायूं रोड पर सबसे ज्यादा बरातों का शोरगुल, जंक्शन रोड पर भी जाम में फंसे लोग

बरेली। फूलेरा दूज पर मंगलवार को पूरी रात बरातों के नाम रही। देर रात तक शहर में हर तरफ बैंडबाजों का धूमधड़ाका चलता रहा। सड़कें इस वजह से पहले से ही जाम थीं, कई जगह बरातघरों के बाहर सड़कों पर गाड़ियां कर दिए जाने से हालात और खराब हो गए। अमर उजाला टीम ने रात नौ से दस बजे तक शहर की सड़कों का हाल देखा तो पाया कि अफसरों के दावों के उलट जाम न लगने देने के लिए पुलिस की ड्यूटी नाममात्र की जगहों पर लगाई गई थी। जहां पुलिस थी भी, वहां भी जाम न लगने देने के लिए उसने कोई खास सिरदर्द मोल नहीं लिया।
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पीलीभीत बाईपास पर बैंड वालों का कब्जा
मंगलवार रात सबसे ज्यादा बरातें पीलीभीत बाईपास के बरातघरों में दिखीं। बरातघरों के अंदर डीजे का कानफोड़ू शोर गूंज रहा था तो बाहरी हिस्से में बैंडबाजे और बरातों ने रास्ता घेर रखा था। बीसलपुर तिराहे के पास कई बरातें थीं। दोनों रोड से बरातें चौराहे पर आईं तो जाम लग गया। इससे कई वाहन फंस गए।

बदायूं रोड पर देर रात तक फंस रहा ट्रैफिक

सुभाषनगर क्षेत्र में बदायूं रोड के लगभग सभी बरातघरों में मंगलवार को बरातें थीं। यहां भी रोड की एक साइड कई जगह बैंड बाजों ने घेर रखी थी। कई बस और नो एंट्री से छूटे ट्रक फंसे हुए थे। इस दौरान यूपी 112 बाइक पर दो सिपाही रोड किनारे मूकदर्शक बने खड़े थे। इन्होंने सामने से जा रही बरातों को रोड से हटवाने की जरूरत नहीं समझी।

पार्किंग फुल, जंक्शन रोड भी घेर लिया

जंक्शन रोड के होटलों में भी विवाह समारोह थे। कई होटलों की पार्किंग फुल हो चुकी थी। कारें और बाइक्स सड़क पर बाहर तक लगी थीं। इससे पहले से संकरे रास्ते में जाम के हालात बन गए। लोगों को वाहन निकालने में असुविधा हो रही थी। पीलीभीत बाईपास के कई बरातघरों के सामने भी वाहनों को इस तरह पार्क किया गया था कि काफी रास्ता घिर रहा था।

शोरगुल की भेंट चढ़ी पढ़ाई

यूपी बोर्ड परीक्षा के साथ ही अब रुहेलखंड विवि की परीक्षाएं भी संचालित हो रही हैं। बरातों की वजह से इन इलाकों में रहने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई काफी हद तक चौपट हो गई। इनमें से कई ने तो शहर के दूसरे हिस्सों में रहने वाले अपने दोस्तों के घर जाकर पढ़ाई की। बुजुर्गों को भी काफी समस्या हुई।
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