बरेली। एएमयू की एक पूर्व छात्रा के कहने पर कुछ छात्र-छात्राएं नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने शनिवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंच गए। इनमें कई नाबालिग बच्चों को देखकर पुलिस ने उन्हें बुलाकर अंदर बैठा लिया। परिवार वालों को सूचना दी तो वे भी यह जानकर हैरत में पड़ गए कि उनके बच्चे प्रदर्शन करने कलक्ट्रेट पहुंचे हैं। इस बीच सीनियर स्टूडेंट्स एसीएम को ज्ञापन दे चुके थे। नाबालिग बच्चों को पुलिस ने उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।
अपनी स्कूल की कॉपी के पेज पर लिखा गया ज्ञापन लेकर कुछ छात्र और छात्राएं शनिवार दोपहर कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। इनमें कुछ थोड़ी दूर एसबीआई गेट पर ही खड़े हो गए। वहां उन्होंने नारेबाजी करने की कोशिश की तो कलक्ट्रेट गेट पर तैनात पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कोतवाली पुलिस भी बुला ली गई। पुलिस ने उन्हें एक साइड में बैठा लिया और पूछताछ की। पता लगा कि ये छात्र-छात्राएं बारादरी और कोतवाली इलाके के रहने वाले बच्चे हैं और अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। इनमें से ज्यादातर नाबालिग भी थे। पुलिस ने उनसे उनके नाम पूछे तो नाम बताने से भी इनकार करते रहे।
छात्र-छात्राओं ने पुलिस को बताया कि एएमयू की एक पूर्व छात्रा उनके संपर्क में है। उसी के कहने पर वह विरोध जताने कलक्ट्रेट चले आए थे। पुलिस ने उनसे फोन नंबर लेकर उनके घर सूचना दी तो उनके परिवार वाले पहुंच गए। उन्होंने बच्चों पर नाराजगी जताते हुए पुलिस को बताया कि उन्हें भी नहीं पता था कि उनके बच्चे विरोध जताने कलक्ट्रेट आए हैं। पुलिस ने सभी बच्चों को उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।