19 दिन से धरना दे रहे नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी मंगलवार को एसडीएम के मानने पर मान गए। प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों को मानने का आश्वासन दिया तो धरना खत्म कर दिया गया।
एसडीएम ने सफाई कर्मचारियों को वार्ता के लिए मंगलवार को अपने आवास पर बुलाया था। कर्मचारी सभी मांगें न मानने तक धरना जारी रखने पर अड़े रहे। इस पर ईओ नरेंद्र जौहरी ने पुनरीक्षित वेतन का प्रस्ताव पारित करने के लिए 10 दिनों में बोर्ड की बैठक करने का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही। हड़ताल के दौरान लगाए गए 50 ठेकाकर्मियों को 250 रुपए प्रतिदिन का भुगतान देने, अप्रैल 2015 में जीपीएफ खातों में धनराशि भेजने, मार्च 14 का 15 कर्मचारियों का वेतन तत्काल देने, सस्पेंड कर्मियों के मामले में कोर्ट के आदेशों का अनुपालन करने और आगामी वित्तीय वर्ष में जून में एसीपी का लाभ दिए जाने और हड़ताल के दौरान लाठीचार्ज के बाद दर्ज मुकदमों को एक महीने में समाप्त करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया गया। ईओ ने स्थायी कर्मचारियों का हड़ताल अवधि का वेतन न काटे जाने का मौखिक आश्वासन भी दिया। इस मौके पर वरिष्ठ लिपिक सुरेश पाल, उप्र सफाई कर्मचारी संघ पीलीभीत के जिलाध्यक्ष अमीर चंद वाल्मीकि, उपाध्यक्ष प्रेमप्रकाश, स्थानीय संघ के अध्यक्ष प्रेमपाल, रमेश, महेंद्र, गोविंद राम और अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
हड़ताली संविदा कर्मियों की बहाली नहीं
ईओ ने वैकल्पिक तौर पर लगाए गए 50 ठेका कर्मियों को 250 रुपए रोजाना भुगतान करने का आश्वासन दिया मगर हड़ताल पर गए 32 संविदा कर्मियों की सेवाएं जारी रखने से इन्कार कर दिया। एसडीएम ने अगले वित्तीय वर्ष में पुनर्नियुक्ति के दौरान उनके अनुभव के आधार पर दोबारा संविदा पर रखने का आश्वासन दिया।