नगर पंचायत रिठौरा के पार्षदों ने पहले तो चेयरमैन के खिलाफ डेढ़ करोड़ के निर्माण में कई लाख रुपये के गोलमाल की शिकायतें कीं। एसडीएम के स्तर से जांच कराई गई, जिसमें चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी को प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। कार्रवाई होने से पहले सभासदों ने चेयरमैन से सैटिंग कर ली। कुछ दिनों के बाद कमिश्नर और डीएम के यहां सभासदों ने शपथपत्र दे दिया कि उन्हें कार्रवाई नहीं करानी है। इस शपथपत्र को कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने गंभीरता से लेते हुए डीएम को जांच के लिए भेज दिया है।
करीब छह महीने पहले सभासद इश्तियाक अंसारी, कमलेश गंगवार, धर्मदेव आदि ने प्रमुख सचिव नगर विकास, कमिश्नर और डीएम से चेयरमैन और ईओ पर मिलीभगत करके करीब डेढ़ करोड़ के निर्माण और विकास कार्यों में कई लाख रुपये के गोलमाल के आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि सभासदों की जानकारी के बिना कई करोड़ के घटिया काम करा लिए है। उन्होंने कब्रिस्तान, शमशान भूमि की बाउंड्ीवाल के निर्माण में गोलमाल के साथ-साथ सड़कों के निर्माण में घटिया सामान लगाने का आरोप भी लगाया था। नगर पंचायत के ठेके चहेतों को देने के भी आरोप लगाए गए थे।
इन सभी आरोपों की जांच एसडीएम नवाबगंज से कराई गई थी। जांच के दौरान प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए। इनके आधार पर विस्तार से जांच कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जानी थी लेकिन उससे पहले सभासद और चेयरमैन के बीच समझौता हो गया। उसी के आधार पर आगे जांच न कराने का उल्लेख करते हुए शपथपत्र दे दिए गए थे।
‘जांच के दौरान इस तरह के शपथपत्र देना गलत है, इसीलिए डीएम को तथ्यों के आधार पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डिटेल जांच के आधार पर कार्रवाई होगी’ प्रमांशु कुमार, कमिश्नर
‘ सभासदों को विपक्षी लोगों ने गुमराह करके शिकायत कराई थी, अब वह समझ गए हैं कि शिकायत निराधार थी,इसीलिए उन्होंने उच्च अधिकारियों को लिखकर दिया है कि कार्रवाई नहीं चाहते हैं। कस्बे में समान रूप से विकास करया जा रहा है’ श्रीमती अंजनि गुप्ता चेयरमैन