नलकूपों को आटोमेटिक करने वाली नोएडा की कंपनी ने नगर निगम को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। कंपनी ने आटोमेशन के नाम पर 25 नलकूपों में घटिया उपकरण लगाकर इंजीनियरों से 31 लाख का पेमेंट करा लिया। 13 नोटिस भेजने के बाद अब जलकल महाप्रबंधक ने कंपनी की दो लाख की सिक्योरिटी राशि जब्त करने की कार्रवाई कर खानापूरी की है। अभी तक कंपनी को न तो ब्लैक लिस्टेड किया गया और न ही कंपनी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
दो साल पहले नगर निगम ने 25 नलकूपों को आटोमेटिक करने के लिए नोएडा की मैसर्स होराइजन टेक्नोलोजिस कंपनी से 48 लाख में अनुबंध किया था। कमीशन की सौदेबाजी के चलते इतने बड़े अनुबंध में कंपनी से मात्र दो लाख की सिक्योरिटी जमा कराई गई। कंपनी ने आटोमेशन के नाम पर नलकूपों में निर्धारित मानक के विपरीत घटिया सेफ्टी डिवाइस लगाकर खानापूरी कर दी। इससे नलकूपों में दो फेस, हाई वोल्टेज, लो वोल्टेज, रिवर्स वोल्टेज और कई तरह के बिजली फाल्ट आने से मोटरें फुंक गईं।
कंपनी ने नलकूपों को कंट्रोल करने के लिए न कोई टेक्नीशियन रखा और न ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया। इसके बावजूद जलकल इंजीनियरों ने बिना काम की जांच कराए कंपनी को 31 लाख का पेमेंट कर दिया। कोई भी नलकूप बिजली आने पर आटोमेटिक तरीके से नहीं चल रहा है। इनको अभी भी पंप आपरेटर ही चला रहे हैं। जलकल महाप्रबंधक की ओर से कार्रवाई के नाम पर एक साल में 13 नोटिस भेजे गए लेकिन कंपनी ने किसी नोटिस का जवाब नहीं दिया। अब कंपनी की दो लाख की सिक्योरिटी जब्त कर मामले को निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही यही अनुबंध किसी दूसरी कंपनी के साथ करने की तैयारी भी चल रही है।
वर्जन
‘नलकूपों के आटोमेशन में कंपनी की सिक्योरिटी मनी जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। हम नई कंपनी से अनुबंध कर नलकूपों का आटोमेशन कराएंगे।’- एमएल मौर्य, महाप्रबंधक जलकल