सीवर साफ न होने से सूफी टोला के सैकड़ों लोग दो साल से दिक्कतों से जूझ रहे थे। गंदा-बदबूदार पानी सिर्फ मोहल्ले की गलियों में ही नहीं, अक्सर घरों में भी भर जाता था। दो सालों में मोहल्ले के लोग न जाने कितनी बार नगर निगम के अफसरों के आगे गिड़गिड़ाए लेकिन अफसरों ने एक नहीं सुनी। फरियाद कर-करके थक-हार चुके ये लोग सोमवार रात यहां एक कार्यक्रम में आए नगर विकास मंत्री आजम खां के पास क्या पहुंचे, कमाल हो गया। कानों में तेल डाले बैठे अफसर जादूई अंदाज में सक्रिय हो गए। दफ्तर की राजसी कुर्सी छोड़कर मंगलवार सुबह होते ही अपना अमला लेकर सूफी टोला पहुंच गए और काम शुरू करा दिया। हालांकि आजम का कोपभाजन होने से ये अफसर इसके बावजूद बचते नहीं दिख रहे हैं। पता चला है कि अपर नगर आयुक्त का तबादला करने की तैयारी है जबकि जलकल अभियंता आरबी राजपूत के खिलाफ निलंबन का परवाना आने वाला है।
आजम खां सोमवार शाम को सपा नेता सरफराज वली खां के बेटे और मीरगंज के बसपा विधायक सुल्तान बेग की भतीजी की सगाई के कार्यक्रम में शिरकत करने बरेली पहुंचे थे। कार्यक्रम सूफी टोला के ही एक बारातघर में था। आजम के आने की जानकारी मिलते ही चुन्ने हलवाई वाली गली की तमाम महिलाएं और कुछ पुरुष बारातघर के बाहर इकट्ठे हो गए। पुलिस फोर्स ने अंदर जाने से रोका तो महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोरशराबा सुनकर आजम ने महिलाओं को बुलाकर उनकी बात सुनी। महिलाओं ने शिकायत की कि उनकी गली में दो साल से सीवर लाइन चोक है। नगर निगम में तमाम बार शिकायतें करने के बावजूद कोई अफसर नहीं सुन रहा है। आजम खां ने इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत नगर आयुक्त शीलधर यादव को तलब कर लिया। कड़े शब्दों में नाराजगी जताई और यह भी कह दिया कि दोषी अफसरों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
आजम खां के गुस्से का असर यह रहा कि मंगलवार को सुबह ही जलकल अभियंता आरबी राजपूत और नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम के कर्मचारियों की फौज के साथ सूफी टोला पहुंच गए। आनन-फानन में सीवर पाइप भी मंगा लिया गया और उसे डालने के लिए खुदाई शुरू करा दी गई। हालांकि आजम के कोप का असर होता भी दिखने लगा। शाम होते-होते खबर आ गई कि अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह का सहारनपुर तबादला किया जा रहा है जबकि जलकल अभियंता आरबी राजपूत को सस्पेंड किया जा रहा है। बरेली से लेकर लखनऊ तक के अधिकारियों ने गैर आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि भी की, लेकिन आजम खां से जुड़ा मामला होने के कारण आधिकारिक बयान देने से इन्कार कर दिया। सूत्र बताते हैं कि दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई तय हो गई है। एक-दो दिन में ही ऊपर से परवाना भी यहां पहुंच जाएगा। नगर आयुक्त शीलधर यादव ने बताया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में उन्हें अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है।