अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मेयर सुभाष पटेल बरेली की जनता पर नियम विरुद्ध टैक्स लगाए जाने के विरोध में अन्य महानगरों के मेयर के साथ सोमवार को लखनऊ में राज्यपाल राम नाईक से मिले। राज्यपाल को भाजपा की महानगर इकाई द्वारा भेजे गए ज्ञापन की प्रति सौंपकर टैक्स वसूली रोकने की मांग की। पूर्व मेयर के मुताबिक महापौरों के प्रतिनिधि मंडल ने शासन की द्वितीय संशोधित नियमावली के अलावा नगर निगम संशोधन विधेयक को महापौरों को हटाने की साजिश बताकर दोनों को निरस्त करने की मांग की।
पूर्व मेयर सुभाष पटेल ने राज्यपाल को बताया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 172 के तहत बोर्ड की स्वीकृति से ही किसी कर प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद कर निर्धारण की प्रक्रिया अमल में लाई जानी चाहिए थी। इसका पालन नगर निगम बरेली में न कर अधिनियम प्रावधानों के विपरीत गृह, जल और सीवर कर मनमाने तरीके से लागू कर दिया गया। पूर्व मेयर के मुताबिक राज्यपाल को रामपुर गार्डन, दीनदयाल पुरम और कहरवान की टैक्स दरें दर्शाकर बताया गया कि ये राजधानी लखनऊ से अधिक हैं। 31 मार्च 2013 तक कालातीत हो चुकी दरों से टैक्स वसूलने, संपत्ति सील किए जाने को नियम विरुद्ध बताकर इसे रोकने की मांग की गई। राज्यपाल से भेदभावपूर्ण टैक्स नीति रद्द करने और नगर निगम संशोधन विधेयक, जिसमें मेयर को हटाने का प्रावधान है, को लोकतंत्र विरोधी बताकर उसे कानून न बनने देने की मांग की गई।