बरेली। मेयर उमेश गौतम और नगर निगम के अफसर फिर आमने-सामने आ गए हैं। लखनऊ में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ विकास कार्यों को लेकर मेयर और नगर निगम के अफसरों की बैठक हुई। इस दौरान अफसरों ने जब विकास कार्यों के दावे किए तो मेयर ने बिंदुवार पोल खोलनी शुरू कर दी। करोड़ों के टेंडर टुकड़ों में निकालने, गड्ढा मुक्ति समेत कई बिंदुओं पर निगम के अफसर स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके। वहीं मेयर ने मंत्री से टीम भेजकर हकीकत की जांच कराने की बात कह दी। इस पर नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव ने कहा- बरेली की बैठक अब अलग से करानी पड़ेगी।
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने सोमवार को लखनऊ में नगरीय प्रशिक्षण केंद्र में नगर निगम की दस बिंदुओं पर समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसमें सभी नगर निगम के मेयर, नगर आयुक्त और स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों के कमिश्नर बुलाए गए थे। बरेली से मेयर उमेश गौतम, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह और एक्सईएन संजय चौहान पहुंचे थे। इस दौरान जब बरेली की समीक्षा की बारी आई तो मेयर ने मंत्री और प्रमुख सचिव के सामने ही नगर निगम के अफसरों के दावों की पोल खोलनी शुरू कर दी। इससे अफसरों को बरेली में मचे घमासान का सहज ही अनुमान लग गया। पार्क की स्थिति पर अफसरों ने बताया कि शहर में 220 पार्क हैं। 25 में ओपन जिम बनाने के टेंडर हो गए हैं। छह पार्क में अमृत योजना के तहत सौंदर्यीकरण चल रहा है। वेंडिंग जोन के मुद्दे पर अफसरों ने बताया 6040 स्ट्रीट वेंडर का रजिस्ट्रेशन हुआ है। 900 को प्रमाणपत्र दे दिए गए हैं। शहर में 15 वेंडिंग जोन और 16 नो वेंडिंग जोन बनाए गए हैं।
इन बिंदुओं पर मचा घमासान
गड्ढामुक्ति- अफसरों ने दावा किया कि लगभग सारे गड्ढ़े भर दिए गए हैं। एनजीटी के आदेशों के चलते अभी काम रुका है। मौसम सही होने पर 30 नवंबर तक पूरा कर लेंगे। इस पर मेयर ने कहा कि अफसरों के दावे गलत हैं, शहर गड्ढों से पटा पड़ा है। शासन से टीम भेजकर हकीकत जांची जा सकती है।
स्मार्ट सिटी की जमीन- स्मार्ट सिटी का बजट खर्च न होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई तो अफसरों ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। इस पर मेयर ने कहा कि कौन सी जमीन नहीं मिल रही है। प्रोजेक्ट के लिए कुष्ठ रोगियों की जमीन छीनने की कोशिश की जा रही है। एलन क्लब से कोई मतलब न होने पर भी नगर निगम ने उसे सील कर दिया।
28.85 करोड़ के टेंडर- मेयर ने सवाल उठाया कि 14वें वित्त आयोग के तहत 28.85 करोड़ की लागत से 234 विकास कार्यों को अगस्त में मंजूरी दी गई थी। मगर अफसरों ने टेंडर एकसाथ न निकालकर उन्हें टुकड़ों में बांट दिया। इसमें न सिर्फ गोलमाल किया गया है, बल्कि एकसाथ इतने विकास कार्यों का जनता में जाने वाला सरकार का संदेश भी रुक गया। मेयर की इस आपत्ति पर अफसर कोई जवाब नहीं दे सके।
डेकोरेटिव पोल: मेयर ने कहा कि शहर में साढ़े तीन करोड़ रुपये से डेकोरेटिव पोल लगाने का प्रस्ताव था। मगर निगम अफसरों ने पहले तो उस प्रस्ताव को बिजली विभाग के अफसरों के बीच घुमाया और फिर स्मार्ट सिटी में सड़क का सौंदर्यीकरण होने का नाम लेकर फंसा दिया।
मंत्री हुए सख्त, बाहर होंगी शहर से डेयरियां
बैठक में मंत्री ने शहर में डेयरियों के बारे में सवाल किया तो अफसरों ने उनकी संख्या 821 बताई। इन्हें शहर से बाहर क्यों नहीं किया जा रहा है, इस सवाल पर अफसर बोले अभी ऐसा कोई आदेश नहीं, लेकिन गंदगी करने पर चालान और जुर्माना लगाया जाता है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि एनजीटी के निर्देशों के तहत डेयरियों को हर हाल में शहर से बाहर किया जाना है। नगर निगम को उन्हें कोई जगह नहीं देनी है, बस शहर से बाहर करना है। डेयरी संचालक अपना व्यवसाय कर रहे हैं और उससे उन्हें आय होती है। वे अपनी व्यवस्था स्वयं करें। इस पर अफसर बोले कि नगर आयुक्त के अवकाश से लौटने पर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
’निगम अफसर गलत तथ्य पेश करके नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। सभी गड़बड़ियां उजागर कर दी गई हैं और कहा कि बरेली में टीम भेजकर दावों की जांच करा लें।’
- उमेश गौतम, मेयर
‘लखनऊ में नगर निगम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई थी। नगर निगम से संबंधित तथ्य पेश किए गए। 14वें वित्त के टेंडर और गड्ढा मुक्ति समेत कुछ बिंदुओं पर मेयर ने असंतोष जताया था।’
- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त
चेत जाएं अफसर, वरना होगा प्रदर्शन
शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के संबंध में महिला जागृति मंच की अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज ने मंगलवार को अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नालियां गंदगी से भरी हैं, जगह-जगह कूड़ा जमा है, जिसकी वजह से मच्छर बढ़ रहे हैं। अगर निगम ने जल्दी ही यह व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कीं तो महिला जागृति मंच नगर निगम में धरना प्रदर्शन करेगा।
कार्यकारिणी सदस्य बोले- हम स्वयं
देखेंगे टैंक सफाई की हकीकत
बरेली। कार्यकारिणी बैठक से पूर्व मंगलवार को नगर निगम में अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह के कार्यालय में सदस्यों ने जलकल विभाग के बजट की समीक्षा की।
बैठक में अफसरों ने सीवर लाइन बिछाने पर अब तक हुए व्यय और प्रस्तावित धनराशि, डीजल आपूर्ति, पाइपलाइन बिछाने, नए हैंडपंप आदि पर खर्च के बारे में जानकारी दी। कार्यकारिणी सदस्यों ने आपत्ति जताई कि छोटे नलकूप के ऑपरेटर गायब रहते हैं। इस पर अफसरों ने कहा कि जल्दी ही इनका ऑटोमेशन किया जाएगा। गलियों में सीवर सफाई के लिए छोटे वाहन की व्यवस्था करने को कहा। अफसरों ने बताया कि ओवरहेड टैंक की सफाई का कार्य अभी जारी है, इस पर पार्षदों ने कहा कि वे लोग स्वयं मौके पर जाकर सफाई की हकीकत देखेंगे।