बरेली। पराली जलने की वजह से उठने वाला धुआं घनी आबादी और ऊंची इमारतों की वजह से शहर में इकट्ठा हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली और एनसीआर का स्मॉग भी हवा के साथ यहां तक पहुंच रहा है। शहर के बेतहाशा ट्रैफिक ने इस संकट को और बढ़ाया है। हालांकि सिस्टम प्रदूषण पर अब भी गंभीर नहीं है। शहर की सड़कों पर पानी छिड़कवाने के मुख्यमंत्री के आदेश पर भी नगर निगम के अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
पराली जलाने के बावजूद गांव-देहात का आसमान साफ होने की वजह विशेषज्ञ वहां आबादी की घनत्व और ऊंची इमारतें कम होने को करार देते हैं। उनका कहना है कि पराली जलने से उठने वाला धुआं हवा के साथ उड़कर घनी आबादी और ऊंची इमारतों की वजह से शहर में ठहर जाता है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण का असर भी यहां दिखता है। शहर में बड़ी तादाद में दौड़ रहे वाहन, फैक्ट्रियां, जेनरेटर इस संकट को और बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन प्रदूषण तो फैलाते ही हैं, धूल-मिट्टी भी उड़ाते हैं। शहर में कूड़ा जलाया जाता है। टूटी सड़क ों और सड़क किनारे पड़े रेता-बजरी से उड़ती धूल भी प्रदूषण बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने का फिलहाल आसान उपाय यही है कि शहर में अनावश्यक ट्रैफिक रोका जाए।
दोगुने से ज्यादा ऑटो-टेंपो दौड़ रहे शहर की छाती पर
परिवहन विभाग ने शहर में ऑटो चलाने के लिए सिर्फ 3500 परमिट जारी कर रखे हैं, लेकिन इससे कई गुना ज्यादा ऑटो दौड़ रहे हैं। डेढ़ हजार से ज्यादा देहात परमिट के भी ऑटो शहर में दौड़ाए जा रहे हैं लेकिन पुलिस और आरटीओ दोनों बेखबर हैं। एक हजार से ज्यादा ऑटो बिना परमिट भी दौड़ रहे हैं। इसके अलावा एक हजार के करीब टेंपो और 400 के आसपास मैक्स-पिकअप आदि टैक्सी वाहन हैं। सिटी परमिट के ऑटो सीएनजी से चल रहे हैं लेकिन देहात परमिट के ऑटो और मैक्स-पिकअप वाहन डीजल चालित हैं और जमकर प्रदूषण फैला रहे हैं।
प्रदूषण से पौधे भी पीले पड़ने लगे
बरेली कॉलेज में बॉटनी के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे के मुताबिक स्मॉग और धूल के कण पौधों की पत्तियों पर जमने से उनमें प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया बाधित हो रही है। यह कण पीएम 2.5 होते हैं और पौधों के लिए भी उतना ही खतरनाक होते हैं जितना इंसानों के लिए। प्रकाश संश्लेषण न होने से पत्ते पीले पड़ने लगे हैं। इस समय पौधों को पानी स्प्रिंकलर विधि से देना ज्यादा उपयुक्त है क्योंकि पौधों को पर्याप्त कार्बन डाई ऑक्साइड नहीं मिलेगी तो वे उतनी ऑक्सीजन भी नहीं बना पाएंगे।
हवा चली तो सुधरा एक्यूआई, 400 के आसपास पहुंचा
तीन-चार दिन में मौसम सही होने का लगाया जा रहा अनुमान
बरेली। मंगलवार को हवा चलने के बाद स्मॉग का असर कुछ कम हुआ और वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होने के बाद यह 400 के आसपास पहुंच गया। अनुमान है कि तीन-चार दिन में मौसम सही हो जाएगा।
सोमवार को अधिकतम तापमान 29.3 और न्यूनतम 17.7 था, जिसमें मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 14.4 रहा। सुबह कुछ कोहरा भी रहा लेकिन हवा चलने से कोहरा जल्दी छट गया। वहीं, दिन में भी हवा चली तो मंगलवार को स्मॉग का असर भी कम हुआ और वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के आसपास आ गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा चलने से मौसम में लगातार सुधार होगा और तीन-चार दिन में स्मॉग नियंत्रण में आने की उम्मीद है।
फैक्ट्री समेत 13 पर जुर्माना, कूड़ा जलाने वाले के खिलाफ तहरीर
बरेली। कूड़ा जलाने और नाली में गोबर बहाने को लेकर नगर निगम ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को एक ट्रांसफार्मर फैक्ट्री समेत 13 लोगों का कूड़ा जलाने पर चालान करके साढ़े दस हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। कूड़ा जलाने पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना इज्जतनगर में तहरीर दी गई है।
स्वास्थ्य निरीक्षक विवेक कुमार ने स्वालेनगर में ट्रांसफार्मर फैक्ट्री में कूड़ा जलाने पर दानिश खां पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यहां प्रमोद, दीपक, रोमान, जावेद और लालता प्रसाद से भी 2500 रुपये जुर्माना वसूला। सफाई निरीक्षक मुकेश ने कटरा चांद खां में राशिद, चमन का गोबर बहाने पर चालान कर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। राजीव बालियान ने सीबीगंज में अनुपम और सुरेश का चालान कर एक हजार रुपये जुर्माना वसूला। संजीव अग्रवाल ने सुभाषनगर में रामबिहारी और संजय से पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना वसूल किया। कूर्मांचलनगर में कूड़ा जलाने को लेकर सफाई निरीक्षक जगदीश ने अज्ञात के खिलाफ थाना इज्जतनगर में तहरीर दी है और माडल टाउन में रामबिहारी एवं कौशल के चालान किए। इसके अलावा सफाई निरीक्षक पूर्णिमा सक्सेना ने मोहल्लों में जागरूकता अभियान और कूड़ा जलाने पर जुर्माना लगाने संबंधी मुनादी कराई।
कूड़ा जलाने वालों पर सख्ती के साथ कार्रवाई जारी है। सड़क किनारे भवन निर्माण का मलबा डालने वालों के खिलाफ बृहस्पतिवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा। - संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता