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कान्हा उपवन- ट्रस्ट ने हाथ खींचे, पशु आश्रय गृह से हटाया अपना स्टाफ

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बरेली। लगातार विवादों में घिरे कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह पर नगर निगम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कामधेनु गोशाला ट्रस्ट ने कान्हा से अपने कर्मचारियों को हटाकर यह कहकर उसका संचालन करने से हाथ खड़े कर लिए हैं कि गायों की मौत का पाप वह अपने सिर नहीं लेगा। फिलहाल नगर निगम ने कान्हा में गोवंश की देखभाल के लिए अपने कर्मचारियों को लगा दिया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने साफ किया है कि कान्हा में सारी व्यवस्था दुरुस्त होने और स्टाफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने तक वे उसका संचालन नहीं करेंगे।
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सीबीगंज के गांव नदोसी में नगर निगम का कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह लगातार चर्चाओं में है। इसी महीने मेयर उमेश गौतम दो बार यहां का निरीक्षण कर गोवंश की देखभाल पर सवाल उठा चुके हैं। कान्हा में लगातार हो रही गोवंश की मौत को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। इसी बीच शुक्रवार रात आसपास के ग्रामीणों ने कान्हा से सांड़ों को छोड़ने का आरोप लगाकर कर्मचारियों से मारपीट की। इस मामले में ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। कान्हा का संचालन कर रही कामधेनु गोशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य संजीव गौड़ का कहना है कि ग्रामीण लगातार कर्मचारियों को धमका रहे हैं। इससे डरे कर्मचारियों ने वहां जाने से इंकार कर दिया है। बाहर के मजदूरों को भी भगा दिया है। उन्होंने अपने कर्मचारियों को हटाकर मेयर उमेश गौतम एवं नगर आयुक्त को पत्र लिखकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने और सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नगर निगम ने वहां अपने कर्मचारी तैनात किए हैं।
कान्हा में यह हैं दिक्कतें
- क्षमता से दो गुने गोवंश
- दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
- सर्दी शुरू हो चुकी है लेकिन शेड पर्याप्त नहीं हैं
- सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है
- सांड़ों के लिए अलग शेड नहीं बनाया गया है
- लगातार निगरानी के लिए पशु चिकित्सक नहीं

मौजूदा परिस्थितियों में कान्हा का संचालन संभव नहीं है। कर्मचारियों का धमकाया जा रहा है। नगर निगम ने व्यवस्थाएं भी दुरुस्त नहीं की हैं। हम गायों की सेवा कर रहे हैं, पाप अपने सिर नहीं लेेंगे। इसलिए व्यवस्था दुरुस्त होने तक संचालन से मना कर दिया है। - आचार्य संजीव गौड़, संचालक
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ग्रामीणों के हमले के बाद ट्रस्ट ने कान्हा का संचालन करने से हाथ खड़े कर लिए हैं। नगर निगम ने वैकल्पिक रूप से संचालन अपने हाथ में ले लिया है। फिलहाल नगर निगम के कर्मचारियों को तैनात करके संचालन कराया जा रहा है। - ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त
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