बरेली। सेतु निगम के बाद अब जल निगम का सेंट्रल सीवर लाइन प्रोजेक्ट भी वन विभाग की एनओसी में लटक गया है। वन विभाग की एनओसी न मिलने के चलते मालियों और ईसाईयों की पुलिया के बीच करीब 15 दिन से सीवर लाइन डालने का काम रुका है। सारा साजोसामान सड़क पर पड़ा है। इस वजह से यहां आवागमन प्रभावित होने के साथ ही हादसे का खतरा भी बना हुआ है। दरअसल, यहां खुदाई से निकली मिट्टी वन विभाग के क्षेत्र में डाली जानी है, इसके लिए वन विभाग की एनओसी की आवश्यकता है।
शहर में 54.85 करोड़ रुपये की लागत से सीवर की 12.74 किलोमीटर लंबी ट्रंक लाइन बिछाई जानी है। इसके तहत श्यामगंज, कालीबाड़ी, खुर्रम गौंटिया, चौकी चौराहा, चौपुला चौराहा, मुख्य डाकघर, कचहरी आदि क्षेत्र में खुदाई की जानी है। 26 अगस्त को केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम ने ईसाईयों की पुलिया के पास इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। उस दौरान ही जल निगम ने वन विभाग और पीडब्ल्यूडी से सड़क खुदाई के लिए एनओसी मांगी थी क्योंकि यहां खुदाई से निकली मिट्टी वन विभाग के क्षेत्र में ही डाली जानी है। मगर प्रोजेक्ट शुरू हुए डेढ़ महीने बीतने के बावजूद वन विभाग ने अब तक एनओसी नहीं दी है। इसके चलते ईसाईयों की पुलिया से मालियों की पुलिया तक पाइपलाइन डालने का काम रुक गया है। अब जल निगम के अफसर एनओसी का इंतजार कर रहे हैं।
सड़क पर साजोसामान से लग रहा जाम
सीवर लाइन का काम बेशक रुक गया है, लेकिन उसके पाइप और स्टॉपर समेत अन्य सामान सड़क पर ही पड़ा है। इसके चलते करीब आधी सड़क इस सामान से ही घिरी है और यह सामान यहां जाम का कारण बन रहा है। साथ ही हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
फ्लाईओवर की एप्रोच रोड भी लटकाई
सेटेलाइट पर बन रहे फ्लाईओवर की एप्रोच रोड भी वन विभाग की एनओसी के चलते लटकी हुई है। बताया जाता है कि सेतु निगम ने इसके लिए आवेदन किया, लेकिन वन विभाग ने अब तक अनुमति नहीं दी है। इस वजह से सेतु निगम ने यहां पत्थर डालकर छोड़ दिए हैं।
काम शुरू होने के साथ ही वन विभाग में एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। लगातार वन विभाग के अफसरों से संपर्क भी किया जा रहा है लेकिन एनओसी अभी नहीं मिल सकी है। इस वजह से मालियों की पुलिया के पास काम रुक गया है। - संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम