बरेली। नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार की सदस्यता रद्द करने की मांग एक बार फिर तूल पकड़ने लगी है। पिछली शिकायत पर कार्रवाई न होने पर नियमों का हवाला देते हुए पूर्व पार्षद राजेश्वर प्रसाद और मुनीश शर्मा ने उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा है। राज्यपाल के विशेष सचिव डॉ. अशोक चंद्र ने मामले पर कार्रवाई के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अभिमत मांगा है।
नगर आयुक्त पद पर राजेश श्रीवास्तव की तैनाती के दौरान नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने उन्हें पत्र लिखकर नगर निगम के वाहनों के लिए अपने पेट्रोल पंप से तेल खरीदने को कहा था। इसे लेकर मार्च, 2019 में पूर्व पार्षद मुनीश शर्मा और राजेश्वर प्रसाद ने नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल से शिकायत की। उनका आरोप था कि विधायक नगर निगम के पदेन सदस्य हैं। नियमानुसार वह निगम को तेल की सप्लाई कर लाभ नहीं ले सकते। उन्होंने ऐसा करके नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। 20 जून को तत्कालीन राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने निर्वाचन आयोग के प्रमुख सचिव को भेजकर पत्र भेजकर इस मामले में कार्रवाई को कहा था। मगर नियमानुसार शिकायत न होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब राजेश्वर प्रसाद और मुनीश शर्मा ने नियमों का हवाला देते हुए दोबारा राज्यपाल से नगर विधायक की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
मेरे खिलाफ शिकायत की बात फिलहाल मेरी जानकारी में नहीं है और न ही किसी ने अब तक पूछा है। अगर कोई पूछेगा तो उसका जवाब दिया जाएगा। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक