बरेली। शासन ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों में पंजीकृत ठेकेदारों की अनिवार्यता खत्म कर दी है। एक आदेश में कहा गया है कि ई टेंडरिंग प्रक्रिया में देश भर से कोई भी ठेकेदार इसमें भाग ले सकता है। बता दें कि अभी तक नगर निगम और स्थानीय निकाय अपने रजिस्टर्ड ठेकेदारों को ही ई टेंडरिंग में भाग लेने की अनुमति देता था। ये व्यवस्था अब प्रदेश भर में समाप्त कर दी गई है।
प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी नगर आयुक्त और स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि ई टेंडरिंग प्रक्रिया में कोई भी ठेकेदार भाग ले सकता है। इसके लिए उनका संबंधित निकाय में रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं है। प्रमुख सचिव ने कहा है कि जब प्रदेश भर में प्रतिस्पर्धा लाने के लिए ई टेंडरिंग व्यवस्था लागू की गई है तो इससे पहले ठेकेदार का पंजीकरण की क्या जरूरत है। कहा, देश में किसी भी कोने में बैठकर कोई भी ठेकेदार प्रकिया में भाग ले सकता है। इससे कार्य की दरों में प्रतिस्पर्धा होगी और ठेके कम दरों पर हो सकेंगे। प्रमुख सचिव ने कहा है कि टेंडर प्रक्रिया में चयनित ठेकेदार का पंजीकरण शुल्क बाद में जमा कराया जाएगा। उसके बाद संबंधित कार्य आवंटित होगा। इस आदेश से नगर निगम और स्थानीय निकाय में होने वाली मनमानी पर लगाम लगेगी।