बरेली। स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल से सोमवार को मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल का सबसे अधिक असर सरकारी एंबुलेंस 102 और 108 पर पड़ा है। ग्रामीण अंचलों से निजी वाहन के जरिए मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। वापस जाने के लिए भी उन्हें वाहन का इंतजार करना पड़ता है। डिस्पेंसरी और अन्य अनुभागों में मरीजों को दिक्कत उठानी पड़ी।
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से दिनभर अफरा-तफरा का माहौल रहा। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में मरीजों को लाने के लिए 75 एंबुलेंस हैं। जो जिले के दूरदराज और शहर में भी मरीजों को जिला अस्पताल लाती हैं। 102 एंबुलेंस के न चलने से गर्भवती महिलाओं को काफी दिक्कतें हुईं। उन्हें जिला महिला अस्पताल आने में निजी वाहन का सहारा लेना पड़ रहा है। एंबुलेंस की हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। जिला अस्पताल में करीब 50 संविदा कर्मचारी हैं, जो डिस्पेंसरी, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी आदि जगहों पर तैनात हैं। यहां भी मरीजों को लाइन लगाकर घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में घायल मरीज आटो, टैंपो और रिक्शा से आते रहे। मरीज को वापस ले जाने के लिए तीमारदारों गोदी में उठाकर ले जाना पड़ा। डिस्पेंसरी में भी दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगीं रही। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि महिलाओं के परिजनों ने अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। अगर ऐसा होता तो उनके वापस जाने का इंतजाम किया जाता।