बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता अभियान देश भर में आम लोगों को भले ही प्रभावित कर रहा हो लेकिन नेताओं को जहां भी मौका मिलता है, वह इसका तमाशा बनाने से नहीं चूकते। रविवार को भी मेयर उमेश गौतम अलखनाथ मंदिर पर जब स्वच्छता अभियान का संदेश देने के लिए सफाई करने पहुंचे तो एक पार्षद ने कुछ ही देर पहले एक कर्मचारी को फैलाकर कूड़ा फैलवा दिया। कुछ मिनटों बाद यहां पहुंचे मेयर ने यहां झाड़ू लगाने के साथ पोंछा भी लगाया लेकिन व्यवधान तब पैदा हुआ जब पार्षद को यहां कूड़ा फैलवाते देख चुके मंदिर के एक पुजारी ने इस सफाई पर यह कहते हुए आपत्ति कर दी कि मंदिर में यह तमाशा क्यों किया जा रहा है। मेयर ने इसके बाद मामले की जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई करने की बात कही है।
तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर रविवार शाम करीब चार बजे मेयर उमेश गौतम की पार्षदों के साथ अलखनाथ मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाने की योजना की थी। मेयर तो इसके लिए करीब साढ़े चार बजे अलखनाथ मंदिर पहुंचे लेकिन इससे पहले वहां पहुंचे पार्षदों ने मंदिर परिसर में पहले से ही अच्छी-खासी साफ-सफाई देखी तो चक्कर में पड़ गए। सवाल यह खड़ा हो गया कि मंदिर परिसर के साथ जब उसकी सड़क भी पहले से साफ है तो यहां मेयर के साथ उनके सफाई करने का मामला कैसे जमेगा। कुछ देर आपस में विचार मंथन करने के बाद एक पार्षद ने निगम के कर्मचारी के कान में कुछ फूंका जिसके बाद कर्मचारी वहां से गया और कुछ देर बाद कूड़ा लेकर लौटा। मंदिर में यह कूड़ा इधर-उधर फैला दिया गया, इसी बीच मेयर उमेश गौतम पहुंच गए और पार्षदों के साथ सड़क पर झाडू़ लगाने में जुट गए। इसके बाद मंदिर परिसर में भी पहुंचे और पानी डालकर वहां सफाई की। मेयर के साथ इस दौरान अतुल कपूर, नरेश शर्मा बंटी, सतीश कातिब मम्मा, डब्बू शर्मा, आयुष शर्मा, सुभाष पांडेय आदि मौजूद रहे।
भड़के पुजारी बोले- पहले कहां थे
मंदिर में सफाई का तमाशा देख एक पुजारी भड़क गए। उन्होंने कहा कि सालों से हम लोग खुद ही मंदिर की साफ-सफाई करते आए हैं, नगर निगम से आज तक कभी कोई देखने नहीं आया। अब सावन भी आधे से ज्यादा निकल गए है तो अब तमाशा करने आए हो। गुस्साए पुजारी को जैसे-तैसे लोगों ने समझाकर शांत किया। हालांकि इसके बाद किसी ने यह पूरा सीन सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
सफाई का इतना शौक तो बाहर सड़क पर जाओ
एक तरफ तो अलखनाथ मंदिर के अंदर मेयर के साथ पार्षदों की फौज सफाई करने में जुटी हुई थी दूसरी तरफ बाहर सड़क पर बेतहाशा गंदगी पड़ी होने के बावजूद किसी ने उधर ध्यान नहीं दिया। अलखनाथ मंदिर के एक पुजारी ने इस पर भी एतराज जताया। उन्होंने पार्षदों से कहा कि सफाई की जरूरत अंदर नहीं, बाहर सड़क पर है। तमाशा दिखाने के बजाय अगर वाकई सफाई करनी है तो बाहर जाकर करो।
वहां कूड़ा डालने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, अगर किसी ने ऐसा किया है तो कार्रवाई होगी। मेरा मकसद सफाई का संदेश देना है। मैंने वहां सफाई करके पोंछा भी लगाया है। मैं लोगों को संदेश देना चाहता हूं कि भंडारा करें तो वहां डस्टबिन जरूर रखें ताकि पत्तल-दोने हवा में उड़कर गंदगी न फैलाएं।
- उमेश गौतम, मेयर