बरेली। नगर निगम ने टैक्स जमा करने की सहूलियत के लिए दस रिटायर्ड टैक्स कलक्टराें को लगाया था। मगर इन्होंने टैक्स जमा करने के बाद निगम के रिकार्ड में उसकी एंट्री नहीं कराई, जिसके चलते करीब पांच हजार करदाताओं के टैक्स में पुराने बिल का एरियर और ब्याज जुड़कर पहुंच गया। इसको लेकर नगर निगम में शिकायतें पहुंचीं तो तीन-चार ऑपरेटर लगाकर रिकॉर्ड की फीडिंग शुरू कराई गई है।
टैक्स विभाग में स्टाफ की कमी के चलते कम वसूली होने पर पिछले साल नगर निगम की बोर्ड बैठक में रिटायर्ड टैक्स कलक्टरों को इस काम पर लगाने का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद दस टैक्स कलक्टरों को लगाकर टैक्स वसूली कराई गई। इससे नगर निगम ने टैक्स वसूली का लक्ष्य तो प्राप्त कर लिया, लेकिन इन टैक्स कलक्टरों ने मैनुअल जमा किए गए बिल की नगर निगम के ऑनलाइन रिकॉर्ड में फीडिंग नहीं कराई। अब वित्तीय वर्ष 2019-20 के टैक्स बिल निकलने शुरू हुए तो करीब पांच हजार करदाताओं के बिल में पिछले साल का एरियर और ब्याज भी जुड़कर पहुंच गया। यह गड़बड़ी होने पर नगर निगम में अब तक दर्जनों शिकायतें पहुंच चुकी हैं। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर अब इन बिलों को दुरुस्त कराने की कवायद की जा रही है। प्रभारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना ने बताया कि तीन-चार ऑपरेटर को लगाकर सारे बिल अपडेट कराए जा रहे हैं। साथ ही नगर निगम पहुंचने वाले ऐसे उपभोक्ताओं के बिल भी तत्काल सही कराए जा रहे हैं।