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मेयर को मुश्किल में डाला पर महिलाओं से पड़ा पाला तो फंस गए विपुल लाला

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बरेली। पार्टी से बगावत कर मेयर उमेश गौतम के लिए मुश्किल खड़ी कर देने वाले पार्षद विपुल लाला नगर निगम में धरना दे रहीं महिलाओं के फोटो आपत्तिजनक कमेंट के साथ फेसबुक पर वायरल करने के मामले में फंस गए हैं। दो महीने पुराने इस मामले में महिलाएं मंगलवार को एडीजी से मिलीं और विपुल लाला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एडीजी के पास पहले से मौजूद मेयर ने भी महिलाओं की शिकायत को जायज बताया जिसके बाद एडीजी ने बारादरी पुलिस को पार्षद के खिलाफ रिपोर्ट के आदेश दे दिए।
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कुसुमनगर की ये महिलाएं 17 जुलाई को डीएम और एसएसपी से भी मिली थीं और क्षेत्रीय पार्षद विपुल लाला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी मगर मामला जांच के आदेश देने से आगे नहीं बढ़ पाया। मंगलवार को महिलाएं एडीजी अविनाश चंद्र से मिलीं। उन्होंने बताया कि उनके घर के आसपास की सड़कें खराब हो गई हैं। बरसात में वहां काफी जलभराव हो जाता है। करीब दो महीने पहले वे इसकी शिकायत करने नगर निगम पहुंचीं। वहां किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि इस दौारान पार्षद विपुल लाला ने जातिसूचक शब्द कहते हुए उनके धरने पर आपत्ति जताई थी। उनका इस पर पार्षद से विवाद भी हो गया। इसके बाद पार्षद ने उनके धरने के फोटो खींच लिए जो बाद भद्दे कमेंट के साथ फेसबुक पर वायरल कर दिए। पार्षद ने अपनी इस पोस्ट में महिलाओं को एक बदनाम बस्ती का निवासी बताते हुए टिप्पणी की तो दूसरे लोगों ने भी तमाम आपत्तिजनक कमेंट कर दिए।
महिलाओं ने बताया कि फोटो वायरल करने की शिकायत करने 17 जुलाई को वे पार्षद के घर पहुंचीं तो उसने फिर उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए जातिसूचक टिप्पणी की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं ने आईटी एक्ट और एससी एक्ट के तहत पार्षद के खिलाफ रिपोर्ट कराने की मांग की। इंस्पेक्टर बारादरी राहुल सिंह ने बताया कि आदेश अभी नहीं मिला है। आदेश आते ही रिपोर्ट लिख ली जाएगी।
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महिलाएं पार्षद के खिलाफ शिकायत लेकर आई थीं। कमेंट से संबंधित साक्ष्य उनके पास मौजूद थे। मेयर ने भी उनके साथ हुई घटना को गलत बताया। बारादरी थाना पुलिस को रिपोर्ट के आदेश कर दिए हैं। विवेचना के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश चंद्र, एडीजी बरेली जोन

मैंने मेयर के खिलाफ जमीन कब्जाने के मामले में एक केस कर रखा है। ये मामला भी नगर निगम की राजनीति से जुड़ा है। महिलाओं को आगे करके कुछ लोग बदले की भावना से कार्रवाई कराने में लगे हैं। मुझे इससे डर नहीं लग रहा, जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। - विपुल लाला, पार्षद
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