बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वक्फ संशोधन कानून को लेकर किए गए भारत बंद के आह्वान का ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने विरोध तो ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने समर्थन किया है। मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने तीन अक्तूबर को जुमे के दिन भारत बंद का ऐलान किया है। मुसलमानों को चाहिए कि इसे नाकाम बना दें। इस दौरान प्रदर्शन भी प्रस्तावित है। आई लव मोहम्मद के पोस्टर और बैनर भी लगाए जाएंगे। इसके पीछे सियासी मकसद है। इसलिए मुसलमान भारत बंद में शरीक न होकर अपनी दिनचर्या जारी रखें।
उधर, ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के जिलाध्यक्ष अतीक करम इदरीसी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से मुसलमानों के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। यह वक्फ संपत्तियों को बर्बाद करने की साजिश है। वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य बनना किसी तरह से उचित नहीं है। हिंदू सदस्य कैसे तय करेंगे कि मजार का सज्जादा किसे होना चाहिए और मस्जिद का इमाम किसे होना चाहिए? सैकड़ों वक्त संपत्तियां सरकारी दफ्तरों के कब्जे में हैं, जिनका कोई किराया वक्फ को नहीं मिलता है। इस प्रकार की वक्फ संपत्तियां उक्त संशोधन से लुप्त हो जाएंगी। संवाद