कोतवाली के पीछे सेल्समैन की हत्या कर शव जलाने का मामला
बरेली। पुलिस मान रही है कि मोनू की हत्या करने वाले उसके करीबी ही रहे होंगे। शव के पास बीयर की दो खाली केन और नमकीन के पैकेट का रेपर पड़ा था। मोनू के परिवार का कहना है कि उसका कभी किसी से विवाद नहीं हुआ। गारमेंट्स शोरूम के मालिक जितेंद्र का भी यही कहना था कि मोनू व्यवहार का बहुत अच्छा था। उनके यहां चार साल से काम कर रहे होने के दौरान उसका कभी किसी से विवाद नहीं हुआ। शव के पास मूसल पड़ा मिलने से पुलिस यह मान रही है कि हत्यारे उसे मारने के ही इरादे से आए थे। यह अलग बात है कि उन्होंने जिस धारदार हथियार से उसकी हत्या की, उसे साथ ले गए। शव जलाने की कोशिश भी पहचान छुपाने की कोशिश मानी जा रही है। पुलिस अब सर्विलांस से मोनू की कॉल डिटेल निकालने में जुटी है। इसके बाद उसके दोस्तों और करीबियों पर शिकंजा कसा जाएगा। पीछे की बस्ती से भी हत्याकांड के तार जुड़े होने की आशंका है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के लिए संदेह के आधार पर कुछ लोगों को पकड़ा गया है। घरवालों और मोनू के दोस्तों से भी पूछताछ की गई है। इलाके में चल रहे कुछ अनैतिक धंधों से भी तार जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
मारने के बाद ही जलाया शव, मूसल छोड़ गए
बाटा शोरूम से बाग ब्रिगटान की ओर जाने वाले रोड के किनारे बायीं ओर घास में मोनू का शव पड़ा था। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से काटने के निशान थे। चेहरे, गले समेत कई जगह वार किए गए थे। हत्यारों ने मोनू का मोबाइल भी जलाने के लिए उसके चेहरे पर रख दिया था और ऊपर से कपड़ा डाल दिया था। हालांकि मोबाइल में सिम सुरक्षित मिला है। शव के पास एक मूसल भी पड़ा मिला, लेकिन उस पर खून का कोई निशान नहीं था, जबकि पास पड़े पत्थर पर खून लगा था। हत्यारों ने पहले मोनू का गला काटकर उसे मौत के घाट उतारा, इसके बाद ही उसके शव को जलाया। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम में रिपोर्ट में हुई है।
मोनू के मोबाइल की कॉल डिटेल से जानकारी जुटाई जाएगी। अभी कोई ठोस लाइन मिली है। पुलिस टीम छानबीन में लगी है, जल्द ही सच सामने आ जाएगा। - शैलेश पांडेय, एसएसपी