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नशेड़ी दोस्त ने होमगार्ड को ईंटों से कुचलकर मार डाला

Sat, 15 Aug 2015 02:57 AM IST
बरेली
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फरीदपुर। शराब पीने के पैसे को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार रात नशे में धुत संविदा सफाई कर्मचारी रामबाबू ने अपने दोस्त होमगार्ड संजय पाठक की ईंटों से कुचलकर हत्या कर दी। दोनों में गहरी दोस्ती थी और अधिकतर साथ में ही बैठकर शराब पीते थे। हत्या के बाद घटनास्थल पर खून के निशान पर धूल डालते समय संविदा सफाई कर्मी को गश्त कर रही पुलिस ने पकड़ लिया। संजय की पत्नी ने रामबाबू और अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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फरीदपुर के मोहल्ला बक्सरिया निवासी महेश चन्द्र पाठक के 40 साल बेटे संजय पाठक की मोहल्ला स्टेशन निवासी संविदा सफाई कर्मी रामबाबू से गहरी दोस्ती थी। संजय रामबाबू से अक्सर शराब के लिए रुपये ले लेते थे। दो दिन पहले संजय ने वेतन मिलने पर रामबाबू से रुपये मांगे तो दोनों में जमकर विवाद हुआ था। आरोप है कि संजय ने विरोध के बावजूद रामबाबू से रुपये छीन लिए थे। शुक्रवार शाम करीब सात बजे संजय बरेली से फरीदपुर पहुंच गए। रामबाबू ने अपने घर के पास टीन में बैठाकर संजय को खूब शराब पिलाई। देर रात तक दोनों साथ में शराब पीते रहे। रात करीब 12:30 बजे नशा अधिक होने के बाद दोनों में लेनदेन को लेकर मारपीट होने लगी। आरोप है कि इस दौरान रामबाबू ने संजय के सिर पर ईंटों से हमला कर दिया। संजय ने जान बचाने की कोशिश की लेकिन चोट के कारण बेहोश हो गया। रामबाबू ने अपने घर से करीब सौ कदम तक घसीट कर एक जूस की दुकान के पास संजय को ले गया और उसका सिर बुरी तरह कुचल दिया। इससे संजय की मौत हो गई। रात में गश्त कर रही पुलिस ने संजय पाठक की सड़क किनारे पड़ा देखा। वहीं थोड़ी दूर पर पुलिस को रामबाबू उसी टीन के नीचे बैठा दिखा जहां दोनों ने शराब पी थी। वहां पड़े खून के निशान पर वह धूल डाल रहा था। पुलिस को अपनी तरफ आते देख रामबाबू ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस की सख्ती पर रामबाबू सारी कहानी बता दी। पुलिस ने संजय के परिवार वालों को सूचना देकर बुला लिया। संजय की पत्नी चंद्रप्रभा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।

कोट
रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया है। उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसका कहना है कि संजय आए दिन उससे शराब पीने के लिए रुपये मांगता था। परेशान होकर उसने हत्या कर दी। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिये टीम लगा दी गई है।
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मनोज पांडेय, सीओ फरीदपुर


घर से सिर्फ दो सौ कदम दूर हत्या
फरीदपुर। होमगार्ड संजय की हत्या उनके घर से दो सौ कदम की दूूरी पर हो गई और न तो घरवालों को पता चला न ही मोहल्ले को। रामबाबू का घर संजय के घर से 200 मीटर दूर है। संजय की पत्नी चंद्रप्रभा पूर्व माध्यमिक विद्यालय चनेहटी में प्रधानाध्यापक हैं। संजय अपने परिवार के साथ संजय नगर में रहते थे। चंद्रप्रभा दो बार पीसीएस (जे) का इंटरव्यू दे चुकी हैं हालांकि चयन नहीं हो सका। संजय के पिता स्व. महेश पाठक होमगार्ड में कमांडेंट थे। 2004 तक संजय एक दैनिक समाचार पत्र से भी जुड़े रहे।

रामबाबू ने अपनी बाइक में लगा थी आग
फरीदपुर। तीन साल पहले रामबाबू ने स्टेशन रोड पर अपनी ही बाइक में आग लगा ली थी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था लेकिन उसकी हालत सही न होने पर पुलिस ने छोड़ दिया था। फिर भी वह बतौर संविदा कर्मचारी काम करता रहा और वेतन लेता रहा। यह देखने की कोशिश किसी ने नहीं कि वह काम करने लायक है या नहीं।

साइन करने से मना करने पर कहासुनी
फरीदपुर। संजय पाठक हत्या कांड की जांच करने गई पुलिस से स्टेशनरी विक्रेता और उनके बेटे की कहासुनी हो गई। पुलिस ने कुछ कागजों पर साइन करने के लिए कहा लेकिन स्टेशनरी विक्रेता के बेटे ने मना कर दिया था। वहीं पुलिस का आरोप है कि दोनों ने उन पर हमला बोला। फरीदपुर में स्टेशन रोड पर डाकखाने की सामने हरीश पाठक की किताबों की दुकान है। हरीश, संजय के रिश्तेदार भी है। सुबह पुलिस जांच के लिये घटनास्थल पर गई। जांच के दौरान कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाने थे। पुलिस ने हरीश के भाई को बुलाया और हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद हरीश के पुत्र भरत से हस्ताक्षर करने को कहा। भरत ने मना कर दिया। पुलिस ने फिर कहा तो भी भरत ने मना कर दिया। यह पुलिस को नागवार को गुजरा। पुलिस का आरोप है कि हरीश पाठक भी अपने मकान से निकल कर दुकान पर पहुंच गए और दोनों ने उन पर हमला बोल दिया। पुलिस ने कोतवाली फोन करके और फोर्स बुलवा ली। पुलिस ने हरीश और भरत को हिरासत में ले लिया और पिटाई करते हुए कोतवाली ले आए। हालांकि देर रात पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया।
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