वर्ष 2002 में किया धर्म परिवर्तन, कई बार बरेली आया
प्रदीप सक्सेना ने पूछताछ में बताया कि उसने 1989 में जमानत पर छूटने के बाद ही शाही कस्बा छोड़ दिया था। इसके बाद कई ठिकाने बदले। साल 2000 में मुरादाबाद आया और यहां इस्लामनगर में तुर्की इंटर कॉलेज के पास गली नंबर 16 में रहने लगा। पुलिस से बचने के लिए वर्ष 2002 में उसने धर्म बदलकर अपना नाम अब्दुल रहीम रख लिया। वह मुस्लिमों जैसी दाढ़ी रखने लगा। वह कई बार गाड़ी लेकर बरेली की डेलापीर मंडी आया, पर उसको कोई पहचान नहीं सका। अब उसकी उम्र 70 साल है।
हाईकोर्ट ने सख्ती की तो डेढ़ माह में हुई गिरफ्तारी
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने 36 साल से वांछित हत्यारोपी को डेढ़ माह में ही खोजकर गिरफ्तार कर लिया। गौर करने की बात यह है कि 35 साल में पुलिस बरेली में ही रह रहे प्रदीप के भाई सुरेश बाबू तक भी नहीं पहुंच सकी थी। हाईकोर्ट ने सख्ती न की होती तो शायद अब भी प्रदीप सक्सेना की गिरफ्तारी नहीं होती।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि आरोपी को डेलापीर मंडी से गिरफ्तार किया गया है। वह मुस्लिम बनकर मुरादाबाद में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।