नवाबगंज कस्बे में 76 दुकानों का निर्माण रात में हो रहा है लेकिन नगर पालिका परिषद ने इन्हीं दुकानों का निर्माण कराने के लिए टेंडर निकाल दिए। 22 अगस्त को अखबार में प्रकाशित अल्पकालीन निविदा में 28 अगस्त को टेंडर मांगे गए हैं। इन दुकानों के निर्माण को लेकर बरेली की अदालत में मुकदमा विचाराधीन है, कोर्ट से स्थगनादेश भी है। चर्चा है कि नवाबगंज की स्थानीय अदालत ने दुकान निर्माण की हरी झंडी दे दी है। इस असमंजस के चलते नेशनल हाईवे की जमीन पर इन दुकानों का रात में चेयरमैन और उनके पति निर्माण करा रहे हैं। नका निर्माण कराने वाला ठेकेदार कौन है, इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
सोमवार को नवाबगंज कस्बे के बब्लू गुप्ता, मोहम्मद रहमत, बीपी सिंह सहित दर्जन भर लोगों ने हस्ताक्षर करके कमिश्नर और डीएम को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें लिखा है कि नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर और उनके पति डा. ताहिर कस्बे में नियमों को ताक में रखकर दुकानों का 12 अगस्त से निर्माण करा रहे हैं। जिसमें भूमाफिया भी शामिल हैं और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी पारित नहीं कराया है। शासन से धनराशि भी नहीं मिली है। निर्माण की सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा भी नहीं की है और न ही टेंडर निकाला गया।
नियम के विपरीत इन दुकानों के निर्माण में चेयरमैन ने अपने को फंसता देखा तो 22 अगस्त को टेंडर का विज्ञापन निकाल दिया । जो कि अवैध है, इस निर्माण के खिलाफ कस्बे के लोगों ने मंगलवार से सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
कोट
‘ मैं दो दिन से बाहर थी, आज ही कस्बे में आई हूं। आज निकले टेंडर की कोई जानकारी नहीं हैं। मंगलवार को कार्यालय के अभिलेख देखकर ही कुछ बता सकूंगी।’ शहला ताहिर
‘नवाबगंज नगर पालिका के कुछ प्रकरणों को लेकर शिकायतीपत्र आए हैं। इन सभी को जांच कराके अपने स्तर से कार्रवाई कराने के निर्देश डीएम को दिए हैं।’ प्रमांशु कुमार, कमिश्नर