बरेली के संपत्ति स्वामियों को राहत देते हुए नगर निगम ने खाली पड़े भवनों पर संपत्ति कर में छूट देने का आदेश जारी किया है। निगम के अनुसार ऐसे भवन जो लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं और पूरी तरह खाली पड़े हैं, उनके मालिक निर्धारित नियमों के तहत संपत्ति कर में छूट के पात्र होंगे। नई व्यवस्था लागू होने से लोगों को काफी सहूलियत होगी।
नगर निगम की आबादी 13 लाख से अधिक है। यहां पर 2.28 लाख अधिक भवन हैं। इन आवासीय व व्यावसायिक भवनों के आधार पर नगर निगम कर वसूलता है। निगम ने अब तक 167 करोड़ का राजस्व जुटाया। नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 178 में यह व्यवस्था दी गई है कि यदि कोई भवन स्वामी का भवन निरंतर खाली चल रहा है। कोई किराएदार नहीं है और भवन स्वामी स्वयं भी नहीं रह रहा है तो वह धारा 178 के तहत भवन खाली होने की स्थिति में नगर निगम के टैक्सों में छूट पाने का अधिकारी होगा, इसकी जानकारी आम जनता को नहीं है।
भवन मालिकों को मिलेगी राहत
इसके तहत भवन स्वामी धारा 178 के तहत नगर आयुक्त को संबोधित एक पत्र रिसीव कराएगा, जिसकी जांच राजस्व निरीक्षक करेंगे। इसके 90 दिन के बाद पुन: अवगत कराएगा। इसका लाभ तब तक मिलेगा, जब तक भवन खाली रहेगा। इस बाबत पार्षद सतीश चंद्र कातिब ने बताया कि इसको लेकर लंबे समय से वह तीन साल से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लागू होने से भवन मालिकों को काफी सहूलियत होगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि संपत्ति कर में छूट का लाभ पाने के लिए उपभोक्ताओं को नगर निगम में आवेदन करना होगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक मौके पर जाकर भवन के खाली होने की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया निरंतर 90 दिनों पर चलती रहेगी। जिससे उनको लाभ मिलेगा।