बरेली। कैंफर काॅलोनी की बदहाल सड़कों और नालियों के निर्माण के लिए नगर निगम ने टेंडर निकालने का निर्णय लिया है। कॉलोनी के वाशिंदों का इंतजार जल्द खत्म होने जा रहा है।
साल 2013 में कॉलोनी का ले-आउट पास हुआ था और साल 2015 से लोगों ने रहना शुरू किया था। बिल्डर ने जो सड़कें बनाईं थीं वे तीन साल में टूट गईं। नालियां क्षतिग्रस्त हो गईं। काॅलोनी में रहने वाले 150 से अधिक परिवार कई साल से मांग कर रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी। अब तक सिर्फ इस वजह से टाला जा रहा था कि कॉलोनी निजी बिल्डर ने विकसित की और उसे नगर निगम को हस्तगत नहीं किया। लोग नगर निगम पहुंचे तो उन्होंने सवाल किया कि टैक्स ले रहे हैं तो सुविधाएं क्यों नहीं देंगे। महापौर उमेश गौतम ने संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट एलान किया अगर किसी कॉलोनी के लोग टैक्स दे रहे हैं तो उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। भले ही काॅलोनी औपचारिक रूप से नगर निगम को हस्तगत न हुई हो। टैक्स लेने के बाद जनसुविधाएं देने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। पौने दो करोड़ की लागत से सड़क और नाली आदि का निर्माण कराने का प्रस्ताव किया गया है। काॅलोनी निवासी किशनराज गिरी ने कहा कि कॉलोनी के लोगों ने लंबे समय तक संघर्ष किया इसे अब कामयाबी मिली है। महापौर ने कहा कि अगर कहीं लोग टैक्स दे रहे हैं और सुविधाएं नहीं मिली हैं तो वहां भी सर्वे कराकर जनसुविधाएं दी जाएंगी। अमर उजाला ब्यूरो