नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संस्थान को इस बिल या धनराशि के संबंध में कोई आपत्ति है, तो वे साक्ष्यों के साथ अपना प्रत्यावेदन कार्यालय में जमा कर सकते हैं। समय रहते प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा, भुगतान न करने की स्थिति में नगर निगम आगे की वैधानिक कार्रवाई कर सकता है।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आईवीआरआई को रकम जमा करानी होगी। आईवीआरआई निगम के बड़े बकाएदारों की सूची में शामिल है। रकम जमा होने के बाद राजस्व में वृद्धि होगी।