बरेली। गीली लकड़ी अलाव में भेजने पर शुक्रवार को दोपहर हंगामा मचा तो शाम को नगर निगम के अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थलों पर लकड़ी नहीं भेजी। अमर उजाला की पड़ताल में रोडवेज बस अड्डा, अय्यूब खां चौराहा और गंगापुर के मजदूर अड्डे पर राहगीर और मजदूर ठंड से ठिठुरते मिले। गंगापुर मजदूर अड्डे पर ठिठुरते मजदूरों ने पुराने गत्ते जलाकर काम चलाया। यह स्थिति तब है जब पार्षद और आम लोग समय समय पर अलाव में गीली लकड़ी न जलने की शिकायत करते रहे हैं।
ये हाल मिला
1- गंगापुर मजदूर अड्डे पर मौजूद मिले पप्पू और प्रेमबाबू ने बताया कि अलाव की लकड़ी नहीं पड़ रही। इसलिए गत्ते एकत्र करके सर्दी मिटा रहे हैं।
2- रोडवेज के पुराने बस अड्डे पर अलाव बुझा रहा। बरेली से आगरा जा रहे प्रेम आर्य ने बताया कि ऐसा लगता कि कमीशन की आंच में लकड़ी नहीं आ रही।
3-अय्यूब खां चौराहे पर भी लकड़ी नहीं मिली। खंजाची लाल और पुरुषोत्तम ने बताया कि हर रोज शाम को छह-सात बजे तक लकड़ी आती जो गीली होने की वजह से जलती नहीं थी, लेकिन शुक्रवार शाम को लकड़ी नहीं आई।
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अलाव में गीली लकड़ियां डालने पर हंगामा...नहीं भेजे लकड़ी
अलाव में गीली लकड़ी डालने की शिकायत पर जब अधिकारी नहीं चेते तो अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शुक्रवार को दोपहर नगर निगम के निर्माण विभाग के स्टोर में पहुंच गए। गीली लकड़ियों के गठ्ठर देखकर हंगामा किया। निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मुकेश शाक्य पहुंचे। कार्यकर्ताओंं ने उन्हें गीली लकड़ी के गठ्ठर दिखाए। तब नगर निगम के अभियंता ने गीली लकड़ी के गठ्ठर ठेकेदार को वापस कराए। साथ ही 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया। महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक कई बार गीली लकड़ी का मुद्दा उठा चुके हैं। नगर निगम के अधिकारियों को गीली लकड़ी की वजह न जल पाने वाले अलाव की तस्वीरें भेज कर राहगीरों का दर्द साझा किया लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी। सहायक अभियंता मुकेश शाक्य से जब कार्यकर्ताओं से पूछा कि यह कैसे जलेगी। राहगीर कैसे राहत पाएंगे तो वह संतुष्टिपूर्ण जवाब न दे सके। अलबत्ता इतना जरूर कहा कि गीली लकड़ी वापस करा रहे हैं। ठेकेदार पर जुर्माना लगाया है। अमर उजाला ब्यूरो