बरेली में सोमवार को 55 मिलीमीटर बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। अफसर जलभराव से निपटने की पुख्ता तैयारी का दावा करते रहे, इधर शहर जलमग्न हो गया। सोमवार सुबह जब शहरवासियों की आंख खुली तो वे घर से बाहर नहीं निकल सके। सड़कों पर जलभराव के बीच वाहनों के गुजरने पर लहरें उठ रही थीं। हजियापुर में सड़क व नाले में कोई अंतर ही नहीं दिख रहा था। नालों की बैरिकेडिंग की वजह से हादसे की आशंका कम रही, पर लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। सुभाषनगर पुलिया के नीचे जलभराव की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा सके।