कंसल्टेंड एजेंसी द्वारा तैयार स्मार्ट बरेली का प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड ने कुछ आपत्तियों, सुझावों और संशोधनों के साथ सोमवार को मंजूर कर दिया। कंसल्टेंट एजेंसी के तकनीकी विशेषज्ञों ने सदन को स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में बताया। शासन को 1625 करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा जाएगा। मेयर डा. आईएस तोमर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पहले पूर्व पार्षद हाजी रहमत अली के निधन पर शोक जताकर बैठक स्थगित करने का सुझाव दिया लेकिन भाजपा के सदस्य चाहते थे कि स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव मंजूर करने के बाद बैठक स्थगित की जाए। मेयर ने शोकसभा के बाद 15 मिनट के लिए बैठक स्थगित कर दी। इसके बाद केवल स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव मंजूर करने के लिए बैठक हुई। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने बताया कि स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव बोर्ड से स्वीकृत होना जरूरी है ताकि 24 जून से पहले शासन उसमें खामियों को दूर कर संशोधन कर सके। इसके बाद बैठक 12 बजे के बाद दोबारा प्रारंभ हुई। इसमें कंसल्टेंट एजेंसी के तकनीकी एक्सपर्ट ने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट की जानकारी दी और फाइनेंशियल प्लान के बारे में बताया। पार्षदों ने प्रोजेक्ट के कई बिंदुओं पर आपत्तियां जताने के साथ ही कुछ सुझाव भी दिए। ढाई घंटे की चर्चा के बाद बोर्ड ने स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर कर दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह, एक्सईएन सतीश कुमार, गयूर अहमद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार, एई जलकल आरबी राजपूत समेत पार्षद और स्टाफ मौजूद था।
प्रोजेक्ट में खास बिंदु
1- इंप्रूव क्वालिटी ऑफ लाइफ 2- टेक्नॉलॉजी का अधिकतम उपयोग 3- ऑनलाइन काम को बढ़ावा 4- प्रत्येक नागरिक को बिजली, पानी, सीवर, सड़क 5- सबको शिक्षा और सबको सुरक्षा 6- प्रत्येक नागरिक को इंटरनेट की सुविधा 7- स्वास्थ्य और एजूकेशन हब बनाने का सुझाव 8- सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने पर काम करना 9- बरेली को जरी जरदोजी, पतंग माझा की औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान दिलाना
ये हैं मुख्य खामियां
1- शहर की 32 फीसदी आबादी अशिक्षित 2- 30 फीसदी से ज्यादा आबादी गरीब 3- सार्वजनिक यातायात के लिए आटो पर निर्भरता 4- सिटी बसें न चलना 5- साइकिल और पैदल यात्रा असुरक्षित 6- फुटपाथ न होना 7- अविकसित और बदहाल पार्क 8- टहलने की जगह न होना 9- कूड़ा उठान और प्रबंधन का घटिया स्तर 10- सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं 11- शहर में घनी आबादी तो बाहरी इलाकों में दूर-दूर बसी आबादी 12- अतिक्रमण और जाम की समस्या 13- असुरक्षित कालोनियां 14- किसी भी सिस्टम पर कंट्रोल न होना।
स्मार्ट सिटी का वित्तीय प्लान
प्रोजेक्ट का नाम कुल लागत सरकार से मिलेंगे कन्वर्जेंस निवेश रकम
एरिया बेस्ड डेवलपमेंट 1162 करोड़ 811 करोड़ 181 करोड़ 170 करोड़
पैन सिटी प्रपोजल 385 करोड़ 24 करोड़ 276 करोड़ 85 करोड़
कुल प्रोजेक्ट कास्ट 1535 करोड़ 823 करोड़ 457 करोड़ 255 करोड़
प्रोजेक्ट कॉस्ट
पांच फीसदी तैयारी पर 77 करोड़ 41 करोड़ - 36 करोड़
कुल प्रोजेक्ट खर्च 1625 करोड़ 877 करोड़ 457 करोड़ 291 करोड़
नोट : (शासन वित्तीय प्लान की रकम में संशोधन कर सकता है।)
ये है स्मार्ट बरेली की कल्पना
1- शिल्पकार बरेली- अर्बन हॉट में जरी जरदोजी और हैंडीक्राफ्ट के सेंटर बने। इसमें कारीगरों को नई टेकभनोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाए ताकि रोजगार के लिए उनको भटकना न पड़े। जरी का कारोबार ऑनलाइन किया जाए। इस एरिया को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने और रिसर्च सेंटर बनाने का सुझाव है।
2- सुशासित बरेली- शहर में अलग-अलग जगहों पर जनता की शिकायतों का समाधान करने के लिए 20 सेंटर बनाए जाएंगे। उनमें टेलीफोन बिल, बिजली बिल, नगर निगम का टैक्स, सेल टैक्स समेत हर तरह का टैक्स जमा करने और शिकायतें करने की सुविधा हो। नागरिक सुविधाओं की जानकारी मिले। पेयजल, कूड़ा समेत प्रत्येक सेंटर को एक जगह से कंट्रोल किया जाए।
3- सुसंचालित बरेली- ट्रांसपोर्ट की सुविधा बेहतर हो। अतिक्रमण और जाम से मुक्ति के साथ पैदल और साइकिल यातायात के लिए फुटपाथ बनें। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत बनाया जाए। वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग बने। प्रदूषण रहित यातायात पर जोर। बैट्री चालित ई रिक्शा चलाने का सुझाव भी दिया गया है।
4- सुखद बरेली- शहरवासियों के रहन सहन की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षा और गरीबी दूर करने पर जोर। सोलर उर्जा को बढ़ावा। नए भवनों में कम एनर्जी की लाइट का इस्तेमाल। बिजली और पानी की हाईटेक मीटर रीडिंग लगाई जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कूड़ा उठान और प्रबंधन स्मार्ट बनाने पर जोर। ढोलाई उपकरणों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाना।
5- सुरक्षित बरेली। स्मार्ट सिटी में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सबसे अहम बिंदु है। इसके लिए बाजारों, मार्गोँ, चौराहों और कालोनियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव है। एंबुलेंस की संख्या बढ़ाना। सड़कों को अतिक्रमण और जाम से मुक्त रखना। प्रत्येक अस्पताल में मेडिकल रिकार्ड रखना। ई गवर्नेंस में अस्पतालों को ऑनलाइन जोड़ना।
स्मार्ट सिटी के अहम बिंदु
1- जीआईसी में रिडेवलप करना 2- संजय कम्यूनिटी हाल से पटेल चौक तक खुला गार्डन विकसित करना 3- हाईडिल कालोनी को मॉडल कालोनी बनाना 4- खुर्रम गौंटिया को रिडेवलप करना 5- रामपुर गार्डन में सस्ते घर बनाना 6- गांधी उद्यान और अक्षर विहार का सुंदरीकरण 7- पुराने रोडवेज बस अड्डे को नैनीताल रोड पर शिफ्ट कर मार्केटिंग कांपलेक्स बनाना 8-गंगापुर में रेट्रोफिटिंग करके नई कालोनी विकसित करना और अंडर ग्राउंड मार्केट बनाकर आदर्श एरिया बनाना।
पार्षदों ने प्रोजेक्ट को बताया अधूरा
सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में आमदनी के स्रोत आधे अधूरी और अस्थाई बताए। रेट्रोफिटिंग में स्कूलों को पांच करोड़ का बजट कम बताया। कहा कि गांधी उद्यान को 10 करोड़ से विकसित करने का प्रस्ताव औचित्यहीन है। पीपीपी मॉडल और सरकारी विभागों से जमीन लेकर विकसित करने के प्रस्ताव भी अव्यवहारिक हैं। आलोक तायल ने बरेली जंक्शन के आस-पास का और शालिनी जौहरी ने कुतुबखाना का इलाका विकसित करने के सुझाव दिए। उपसभापति रेहान अली ने जरी मांझे के कारोबार में पुराना शहर को शामिल करने, बबलू खान ने पुराने स्कूल कालेजों को सुधार कर माडर्न बनाने, गौरव सक्सेना ने मलिन बस्तियों में सुधार के सुझाव दिए। भाजपा पार्षद विकास शर्मा बैठक में मौजूद नहीं थे।