Mufti-e-Azam and drew a total crowd of Millat Rehane
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दरगाह आला हजरत से लेकर उर्स स्थल इस्लामियां कालेज के मैदान तक उर्स के दूसरे रोज दिन भर जायरीन लड़ी बनी रही। इस्लामियां का मैदान सुबह से ही भर गया था। यहां लोग रेहाने मिल्ल्त के कुल में शिरकत करने के लिए एकत्र थे। दोपहर तक चले कार्यक्रम के बाद रात में मुफ्ती आजम हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसमें हजारों जायरीन की शिरकत रही।
उर्स स्थल पर दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादा नशीन मौलाना अहसन मियां की सदारत में सुबह सात बजे रेहाने मिल्लत हजरत रेहान रजा खां का उर्स कुराने पाक की तिलावत से शुरू हुआ। इसके बाद कारी अब्दुल हकीम ने तिलावत की हाजी गुलाम सुब्हानी ने मीलाद पढ़ा।
कार्यक्रम के आरम्भ में दरगाह प्रवक्ता मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने सुब्हानी मियां के दिशा-निर्देश सुनाते हुए अखलाक और मोहब्बत का पैगाम दिया। मुफ्ती मोहम्मद आकिल ने कहा कि अकीदे के साथ आमाल की इस्लाह भी इंतेहाई जरूरी है। मुफ्ती अफरोज आलम ने इस्लामी तालीम पर जोर दिया और तमाम बुराईयों से दूर रहने को कहा। सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर हजरत रेहाने मिल्लत का कुल शरीफ हुआ। अंत में मुफ्ती अनवर अली ने शजरा पढ़ा और हजरत अहसन मियां ने दुआ की। कारी यूसुफ रजा संभली ने संचालन किया।
इसी तरह रात में दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादा नशीन अहसन मियाँ साहब की सदारत में आला हजरत के शहजादे सरकारे मुफ्ती-ए-आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां के उर्स की महफिल सजायी गई। उर्स प्रभारी सय्यद आसिफ मियां ने दरगाह प्रमुख के दिशा-निर्देश पढ़कर सुनाए और मुसलमानों को एकजुट होकर मुल्क, मिल्लत, मसलक, मजहब की खिदमत पर जोर दिया। दरगाह प्रवक्ता मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने कहा कि सूदखोरी से अपने आप को और अपने पूरे समाज को बचाना जरूरी है।
अल्लामा मुख्तार बहेड़वी ने शराब खोरी से दूर रहने को कहा। जो शरई ऐतबार से हराम है। मौलाना जाहिद रजा ने कहा कि घर, खानदान, समाज और मजहबी जिम्मेदारान नौजवानों को गलत सोहबत से बचाएं। मॉरिशस के मौलाना कमर रजा मंजरी व मौलाना राबे नूरानी ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि तालीम मुसलमानों की दौलत है। इस बीच रात 1 बजकर 40 मिनट पर हुजूर मुफ्ती-ए-आजम हिंद का कुल शरीफ हुआ। कारी अमानत रसूल ने कुल पढ़ा।