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आलोकनगर में हर घर में है मौत का सामान

Mon, 05 Mar 2018 07:18 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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आलोकनगर में करंट से मौसेरे भाई-बहन की मौत के बाद भी लोगों ने सबक नहीं लिया है। यहां तमाम घरों में हैंडपंपों में मोटर लगे हैं। कुछ घरों में तो बिजली जाने के बाद भी करंट आने की शिकायत है। प्लंबर पांच सौ से सात सौ रुपये में मोटर लगा रहे हैं। क्षेत्र में दिन भर बिजली नहीं आई। ट्रांसफार्मर लगाने गए ठेकेदार के कर्मचारियों को लोगों ने दौड़ा दिया और ट्रांसफार्मर कब्जे में ले लिया। बिजली विभाग का कोई अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा।
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आलोकनगर में पानी का लेबल ऊंचा है। टंकी का कनेक्शन न होने के कारण लोगों ने हैंडपंपों में ही मोटर लगवा लिए हैं, ताकि हर समय पानी की उपलब्धता रहे, लेकिन खतरे से सभी अनभिज्ञ हैं। मोटर में अर्थ या कोई तार छूने से हैंडपंप में करंट आ जाता है। शनिवार को भी ऐसा ही हुआ जिससे मौसेरे भाई-बहन की करंट से मौत हो गई। इस हादसे के बाद भी लोगों ने हैंडपंपों से मोटर नहीं हटवाए हैं, जबकि कई घरों में करंट आने की शिकायत बनी हुई है। आलोकनगर के एक परिवार ने बताया कि बिजली जाने के बाद भी करंट लगता रहता है। कभी-कभी पंखा भी चलने लगता है। बिजली वालों से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इधर, विभाग के लोगों का कहना है कि हैंडपंप में अर्थ आने से ऐसा हो रहा है। रविवार को ठेकेदार का लाइनमैन रमेश और ओमपाल ट्रांसफार्मर लगाने गए तो गुस्साए लोगों ने उन्हें दौड़ा दिया। लोगों ने ट्रांसफार्मर कब्जे में ले लिया। उनका कहना है कि 15 दिन से घरों में करंट आ रहा है, कोई सुनने वाला नहीं है। दो मौतों के बाद भी विभाग का कोई आला अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं आया।

सुबह से लाइट गायब
आशा शर्मा की जनरल मर्चेंट की दुकान है। उनके घर में हैंडपंप में मोटर लगा हुआ है। यही नहीं पास में सिलेंडर भी रखा है। उनका कहना है कि अभी तक करंट नहीं आया है। सुबह से बिजली नहीं आ रही है।
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पानी भरने में रहती है सहूलियत
आलोकनगर की पूनम का कहना है कि नगर निगम की वाटर सप्लाई यहां नहीं है। हैंडपंप को हाथ से चलाकर पानी भरना दिक्कत तलब है, सो हैंडपंप में मोटर लगवा लिया है। इससे पानी भरने में सहूलियत रहती है। खतरे के बारे में पूछा तो वह चुप रहीं।
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