बरेली। खाना न बनने पर भड़के सुभाषनगर के गांव करेली में संजीव ने फालिज से ग्रसित अपनी 70 वर्षीय मां सुखदेई की सिल से सिर कुचलकर हत्या कर दी। संजीव की बहन उर्मिला ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पति पूरनलाल की मौत और तीनों बेटियों की शादी के बाद सुखदेई के गांव में अपने बेटे संजीव और राजीव के साथ रहती थीं। संजीव फर्नीचर पर पॉलिश का काम करता है और शराब पीने का आदी है। मानसिक रूप से कुछ कमजोर राजीव घर में ही रहता है। फालिज की शिकार होने की वजह से सुखदेई को घर के कामकाज करने में काफी मुश्किल होती थी लेकिन फिर भी वह छोटे बेटे राजीव की मदद से सारे काम करती थीं। रविवार दोपहर संजीव काम से लौटा तो घर में राशन न होने की वजह से खाना नहीं बन पाया था। संजीव ने राजीव को दो सौ रुपये देकर आटा और सब्जी लाने को कहा और दोबारा चला गया।
रात करीब 12 बजे संजीव घर लौटा तो शराब के नशे में धुत था। उसने खाना मांगा लेकिन खाना नहीं बन पाया था। राजीव भी घर में नहीं था। इस पर संजीव इस कदर भड़का कि पास ही रखी पत्थर की सिल उठाकर सुखदेई के सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए। घंटे भर बाद संजीव का नशा कुछ कम हुआ तो देखा कि मां का शरीर ठंडा पड़ा है। यह बात उसने पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा ओमप्रकाश के घर जाकर बताई। ओमप्रकाश उसके घर पहुंचे तो अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दिया। उन्होंने माचिस जलाई तो वहां खून ही खून बिखरा पाया। उनकी सूचना पर सुभाषनगर पुलिस पहुंची और संजीव को गिरफ्तार करके सुखदेई का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुखदेई की बेटी उर्मिला ने अपने भाई संजीव के खिलाफ मां की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घर में थी आर्थिक तंगी, अक्सर पीटता था संजीव
परिजन के मुताबिक सुखदेई का परिवार बहुत ही आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। संजीव अकेला कमाने वाला था और कमाई का अधिकांश भाग शराब पीने में खर्च कर देता था। इसके कारण उसके घर में न तो बिजली का कनेक्शन है और न ही अन्य कोई सुविधा हैञ शराब के नशे में संजीव अक्सर ही अपनी मां से मारपीट करता था। कई बार पड़ोसियों ने भी बीच बचाव कराया था। एक बार तो उसने सुखदेई का गला दबाकर हत्या की कोशिश भी की थी।
शराब के नशे में बेटे ने सिल से प्रहार करके अपनी मां की हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उसे हिरासत में ले लिया गया है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी