यूपीएससी में मिली निराशा, पीसीएस में कामयाबी
सनराइज एन्क्लेव की 26 वर्षीय उपासना मार्छाल का चयन खंड विकास अधिकारी पद पर हुआ है। वह बताती हैं कि यूपीएससी में सफलता नहीं मिली तो परिवार वालों ने पीसीएस की तैयारी करने का सुझाव दिया। इसके बाद दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई बरेली में हुई। इसके बाद डीयू से बीटेक किया। बीटेक के अंतिम वर्ष की पढ़ाई के दौरान सिविल सेवा में जाने का मन बनाया। इसके बाद वर्ष 2021 से तैयारी शुरू कर दी। वह बताती हैं कि उन्होंने कहीं कोचिंग नहीं ली, लेकिन लखनऊ के एक संस्थान से टेस्ट सीरीज पूरी की। उपासना के पिता धर्म सिंह मार्छाल मुरादाबाद में एडिश्नल एसपी के पद पर कार्यरत हैं।
शैलेंद्र बने असिस्टेंट कमिश्नर
गांव गुलड़िया अरिल के किसान रूम सिंह के बेटे शैलेंद्र कुमार ने प्रथम प्रयास में यूपीपीएससी परीक्षा में कामयाबी का परचम लहराया। उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) पद पर हुआ है। शैलेंद्र ने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा चंदौसी से प्राप्त की। इसके बाद बीएससी किया। डायट फरीदपुर से डिप्लोमा किया। मां विमलेश देवा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने शैलेंद्र को हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। शैलेंद्र के बड़े भाई पुलिस विभाग में कार्यरत हैं।
नौ साल का श्रम हुआ सार्थक
इज्जतनगर की अशरफ खां छावनी निवासी अतहर जमाल खान का चयन पंचायती राज विभाग में कार्य अधिकारी पद पर हुआ है। अतहर ने बताया कि उन्होंने 2015 में तैयारी शुरू की थी, लेकिन शुरुआत में जानकारी का अभाव फिर कोरोना की वजह से समय लगा। इस दौरान यूपीएससी की परीक्षा भी दी। कामयाबी नहीं मिली तो पीसीएस परीक्षा को लक्ष्य बनाया। बीते वर्षों में दो-तीन बार साक्षात्कार तक पहुंचे लेकिन सफलता इस बार मिली। वह बताते हैं कि संघर्ष के दौरान परिवार का पूरा सहयोग रहा।
कुशाग्र को मिठाई खिलाते माता-पिता
- फोटो : संवाद
तीसरे प्रयास में प्राप्त की सफलता
बहेड़ी के सिमरा भोगपुर निवासी 42 वर्षीय सुरेश बाबू ने तीसरे प्रयास में कामयाबी पाई है। इससे पहले दो बार वह साक्षात्कार तक पहुंचे थे। वह वर्ष 2011 से बदायूं में संविदा पर मूकबधिर छात्रों को पढ़ा रहे हैं। कोरोना के दौरान वर्ष 2021 में भाई की मृत्यु से परिवार को आर्थिक व भावनात्मक रूप से बड़ा झटका लगा था। इसके बाद सुरेश ने पीसीएस परीक्षा देने की ठानी। शुरुआती तैयारी अभ्युदय कोचिंग से की। इसके बाद वह अपने गुरु एसपी शर्मा की देखरेख में तैयारी करते रहे। वह 2025 की परीक्षा भी दे रहे हैं।