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Bareilly News: किताबों से ज्यादा कतारों की फिक्र

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बरेली। जिले के महाविद्यालयों व स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी इन दिनों किताबों से ज्यादा चिंता कतारों की कर रहे हैं। वजह है-छात्रवृत्ति के लिए भरे गए आवेदनपत्र की दिक्कतें। छोटी-मोटी खामियों को लेकर विद्यार्थियों को रोज कॉलेज से लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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हर जगह लंबी कतार में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी कई बार उनकी शिकायत निस्तारित नहीं हो पाती। कॉलेज स्तर पर छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों का डाटा भरने में लापरवाही बरती जा रही है। छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों पर नवीनीकरण के नाम पर वसूली करने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में पांच कॉलेजों की शिकायत समाज कल्याण विभाग तक पहुंची है।

जिले में समाज कल्याण विभाग से 255 कॉलेज संबद्ध हैं। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए आवेदन और नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराना कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इसके लिए कॉलेजों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। इसके बावजूद कई कॉलेजों में विद्यार्थियों का डाटा भरने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
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नतीजतन, छात्रवृत्ति पाने की आस लगाए विद्यार्थी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इतना ही नहीं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन और नवीनीकरण कराने के नाम पर कुछ नोडल अधिकारी रुपये मांग रहे हैं, जबकि ये प्रक्रिया निशुल्क है।

कुछ निजी कॉलेजों की ओर से विद्यार्थियों को बिना वजह टरकाया जा रहा है। ऐसे कॉलेजों की सूची बनाई गई है। इनका औचक निरीक्षण कर छात्रवृत्ती संंबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुधांशु शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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