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पीएम आवास योजना के लिए 45 हजार से ज्यादा आवेदन

Sat, 03 Jun 2017 01:07 AM IST
बरेली।  
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प्रधानमंत्री आवास योजना में शहरी क्षेत्र में सस्ते मकान लेने के लिए आवेदकों की भीड़ बढ़ रही है। नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) में 45 हजार से ज्यादा आवेदन जमा हो चुके हैं। बरेली समेत यूपी के पांच जिलों में सस्ते आवास बनाने का काम बिहार की फर्म सरयू बाबू इंजीनियर फार रिर्सोसेज डेवलपमेंट पटना को मिला है। प्रथम चरण में 30 जून तक आवास निर्माण की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी जाएगी। हालांकि इस योजना में आवास पाने के लिए आवेदनों की कोई अंतिम तारीख नहीं है। 
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प्रधानमंत्री आवास योजना में ऑनलाइन आवेदन करने वालों को ऑफलाइन आवेदन भी करना पड़ रहा है। इससे आवेदकों की संख्या बढ़ती जा रही है। पात्रों के दो-दो आवेदन जमा करने से इनकी छंटनी में देर लगेगी। इस योजना में शहरी गरीबों को आवास के साथ आधारभूत संरचना की सुविधा उपलब्ध कराना है जिनसे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। सस्ती कीमत पर आवास निर्माण का काम निजी सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी के साथ किया जाएगा। आवेदकों को बैंक लोन से जुड़ी ब्याज सब्सिडी के माध्यम से किफायती दरों पर आवास देने की योजना बनाई गई है। 

ये कर सकते हैं आवेदन 
आवेदक के नाम कहीं भी आवास न हो
ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए तीन लाख की वार्षिक आमदनी हो
निमभन आय वर्ग (एलआईजी) वर्ग के लिए आमदनी की सीमा तीन लाख से छह लाख वार्षिक
बैंक खाता पास बुक, आधार कार्ड या वोटर कार्ड की छाया प्रति, मोबाइल नंबर
भू-स्वामित्व दस्तावेज की छाया प्रति 

चार घटकों में दिए जाएंगे आवास 
पहले घटक में शहरी गरीबों को आवास के लिए लोन पर सब्सिडी दी जाएगी। ये सब्सिडी बैंक या फाइनेंस कंपनी से 6.5 प्रतिशत की दर से 20 साल के लिए केंद्र सरकार लोन सब्सिडी देगी। ऋण आधारित सब्सिडी छह लाख तक के लोन पर होगी। इससे ज्यादा के लोन पर लाभार्थी को बैंक दरों पर ब्याज अदा करना होगा। ईडब्ल्यूएस आवास का आकार 30 वर्ग मीटर और एलआईजी आवास का आकार 60 वर्ग मीटर तक होगा। 
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द्वितीय घटक में केंद्र सरकार, राज्य सरकार या शहरी स्थानीय निकाय की जमीन पर बने स्लमों में स्लमवासियों को पुनर्विकसित कर आवास उपलब्ध कराएंगे। सरकारी जमीन पर बने स्लम को पुर्नविकसित करने के लिए एक लाख रुपये प्रति आवास की दर से अनुदान केंद्र सरकार और 0.67 लाख का अनुदान राज्य सरकार निर्माण एजेंसी को देगी। स्लम पुर्नविकास परियोजना के लिए बिल्डर का चयन खुली बोली लगाकर किया जाएगा। इसमें वही स्लमवासी लाभान्वित होंगे जो 25 जून 2015 से पहले से वहां निवास कर रहे हों। पात्रों के ये आवास मुफ्त दिए जाएंगे।
तृतीय घटक में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस के लिए निजी क्षेत्रों की भागीदारी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें बहुखंडी भवन का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में कम से कम 250 आवास बनाए जाएंगे। इनमें से न्यूनतम 35 प्रतिशत गरीबों के लिए आरक्षित होंगे। निर्माण एजेंसी द्वारा निर्मित भवन की लागत में से 2.5 लाख रुपये ही सरकार देगी। बाकी लागत लाभार्थी को खुद वहन करनी होगी।
तीन घटकों में लाभ न ले पाने वाले लाभार्थियों को 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1.0 लाख राज्य सरकार देगी। इसमें कच्चा या आधा पक्का मकान वाले लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इस श्रेणी में 30 वर्ग मीटर एरिया में नए आवास बनाने का प्रावधान है। अगर लाभार्थी के पास जर्जर या आधा पक्का मकान है तो वह रसोई, कमरा, शौचालय, बाथरूम का विस्तार कर सकता है। सरकार इसके लिए भी उसे पैसा देगी। 

कोट--
पीएम आवास योजना में 45 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। एजेंसी का चयन भी हो चुका है। 30 जून तक प्रोजेक्ट भेजा जाना है। अभ्यर्थी जल्दी आवेदन करेंगे तो उनको आवास की सुविधा उतनी ही जल्दी मिलेगी। आवेदन करने की कोई अंतिम तारीख नहीं है। विनय कुमार सिंह, पीओ डूडा  
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