बरेली जनपद के सभी विद्यालयों में विद्यार्थी अब किताबों के साथ अखबार भी पढ़ेंगे। शासन के निर्देश पर स्कूल में समाचारपत्र का पठन-पाठन अनिवार्य किया गया है।
डिजिटल युग में मोबाइल और स्क्रीन की लत से विद्यार्थियों को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। शासन के निर्देशानुसार, अब बरेली जनपद के सभी विद्यालयों में समाचारपत्र का पठन-पाठन अनिवार्य किया गया है। 4.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ने के लिए समाचारपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
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बरेली जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 450 से अधिक विद्यालयों में दो लाख से अधिक व 2484 परिषदीय विद्यालयों में करीब ढाई लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। जारी आदेश के मुताबिक, स्कूलों की प्रार्थना सभा में अब प्रतिदिन 10 मिनट का समय समाचार वाचन के लिए आरक्षित किया गया है। इस दौरान विद्यार्थी न केवल देश-दुनिया की प्रमुख खबरें पढ़ेंगे, बल्कि अखबारों के संपादकीय अंश पर भी चर्चा करेंगे।
आज का शब्द और स्कूल मैगजीन की शुरुआत : बीएसए
बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि विद्यार्थियों की शब्दावली मजबूत करने के लिए स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर प्रतिदिन समाचार पत्र से चुने गए पांच नए शब्द अर्थ सहित लिखे जाएंगे। इसके अलावा, बच्चे को खुद का विद्यालय समाचारपत्र या मैगजीन तैयार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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सामान्य ज्ञान बढ़ेगा, विद्यार्थी सही गलत का अंतर जानेंगे : डीआईओएस
डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि अखबारों में आने वाली सुडोकू और वर्ग पहेलियों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इससे न केवल विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि वे फेक न्यूज के दौर में सही-गलत का अंतर भी समझ सकेंगे।