बरेली। श्री अमरनाथ धाम की यात्रा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व ही जिला अस्पताल में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की ओर से 15 अप्रैल से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किए जाने की घोषणा के बाद श्रद्धालु मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने में जुट गए हैं। अब तक 400 से अधिक श्रद्धालुओं ने मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया है।
जिला अस्पताल में बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इन जिलों के सरकारी अस्पतालों में भी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाए जाने की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
नियम के अनुसार, यात्रा के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इसी को देखते हुए पंजीकरण की तिथि घोषित होते ही श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य परीक्षण कराना शुरू कर दिया है। श्रद्धालु श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से ही मेडिकल फॉर्म डाउनलोड कर रहे हैं। यात्रा के लिए आयु सीमा 13 से 70 वर्ष निर्धारित की गई है। छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
बीमारी के बारे में बताना होगा
मेडिकल फॉर्म में श्रद्धालुओं को अपनी बीमारियों का विस्तृत विवरण देना अनिवार्य है। इसमें विशेष रूप से श्वास रोग, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा, मिर्गी और ऊंचाई पर होने वाली बीमारियों (पर्वतीय बीमारी) के इतिहास के बारे में घोषणा करनी होगी। जिला अस्पताल के प्रभारी एडीएसआइसी डॉ. रमेश दीक्षित ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जांच की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाई जा रही है। बताया कि अब तक 400 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।