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पुलिस ने सपा नेताओं को नहीं देने दिया धरना, पूर्व मंत्री सहित सौ लोगों को हिरासत में लिया

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बहेड़ी। ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव के बाद से बहेड़ी की सियासत गरमा गई है। कथित तौर पर चुनाव में धांधली और सपा नेताओं पर झूठे केस दर्ज करने के खिलाफ पूर्व मंत्री अताउर्रहमान के साथ तहसील में धरना देने पहुंचे सपाइयों और भाजपाइयों के आमने-सामने आने की नौबत देख पुलिस की सांसें फूल गईं। दोनों ओर से नारेबाजी के बीच पुलिस के साथ धक्कामुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री समेत सौ से ज्यादा सपाइयों को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। कुछ ही देर में सपाइयों का एक और हुजूम थाने पहुंच गया। करीब तीन घंटे तक थाने में हंगामा हुआ जिसके बाद पुलिस ने सपाइयों को रिहा किया।
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव में दमखोदा के सपा प्रत्याशी का परचा रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सपाइयों ने बहेड़ी ब्लॉक के चुनाव में भी धांधली का आरोप लगाकर हंगामा किया था जिसके बाद पुलिस ने सपा नेताओं पर ताबड़तोड़ ढंग से कई एफआईआर दर्ज कर दी थीं। सपा ने इसके विरोध में सोमवार को तहसील परिसर में धरना देने का एलान किया था। इसी के तहत सुबह करीब साढ़े दस बजे पूर्व मंत्री अताउर्रहमान के नेतृत्व में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम तहसील में धरना देने पहुंचा तो इंस्पेक्टर बहेड़ी गीतेश कपिल ने पूर्व मंत्री अताउर्रहमान को धरनास्थल पर जाने से रोक दिया। सपाई जबरन मंच पर जाकर बैठ गए तो पुलिस ने उन्हें बगैर इजाजत धरना प्रदर्शन न करने की चेतावनी दी। इस बीच एसडीएम राजेश चंद्र और सीओ भी पहुंच गए।
मंच पर जाने के लिए अताउर्रहमान की अफसरों से करीब आधा घंटे तक नोकझोंक हुई। इसी बीच सपाइयों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नोकझोंक के बीच सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्कामुक्की भी होने लगी। पुलिस ने बमुश्किल भीड़ को काबू में किया, इसके बाद बातचीत का दौर शुरू हुआ लेकिन इसी बीच पास ही एमजीएम इंटर कॉलेज में इकट्ठे भाजपाइयों के हुजूम ने भी नारेबाजी शुरू कर दी और माहौल और ज्यादा गरमाने लगा। अताउर्रहमान ने तहसील का मेन गेट बंद कर सपाइयों को अंदर जाने से रोकने पर आपत्ति करते हुए कहा कि क्या पुलिस-प्रशासन बवाल कराना चाहता है। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने इसके बाद तहसील का गेट तो खुलवा दिया लेकिन इसके बाद फिर नारेबाजी शुरू हुई तो पूर्व मंत्री समेत सौ से ज्यादा सपाइयों को हिरासत में ले लिया।
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सपाइयों को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने पर धरनास्थल पर और सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ पहुंच गई। सपा कार्यकर्ता यहां से जुलूस की शक्ल में थाने पहुंचे। थाने में करीब तीन घंटे तक भारी हंगामे के बाद पुलिस ने सपाइयों को रिहा कर दिया जिसके बाद सपाई जुलूस की शक्ल में सपा कार्यालय पहुंचे। सपा के प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष विजेंद्र सिंह, हाजी वफाउर्रहमान, आरिफ एडवोकेट, राकेश गंगवार, नासिर रजा, धनेश सिंह, सपा महिला महानगर अध्यक्ष रिहाना, कलीमउद्दीन, सलीम अहमद सुल्तानी, मोईनउद्दीन, लईक चांदनी, अमित सिंह, पीर मोहम्मद आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
अताउर बोले- सपा के धरनास्थल
पर विधायक ने खड़ी करा दीं कारें
अफसरों से नोकझोंक के बीच पूर्व मंत्री अताउर्रहमान ने कहा कि सपा के धरनास्थल पर भाजपा विधायक छत्रपाल सिंह ने विवाद कराने के लिए अपने लोगों की गाड़ियां खड़ी करा दीं। पुलिस भी भाजपा की गुंडागर्दी को पनाह दे रही है। दमखोदा में सपा प्रत्याशी का पर्चा रद्द कर लोकतंत्र की हत्या की गई। बहेड़ी में बेईमानी से सपा प्रत्याशी को हराया गया। विधायक के इशारे पर सपा नेताओं पर चार-चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। सपा प्रत्याशी के पति के खिलाफ पूर्व ब्लॉक प्रमुख पर हमला करने का झूठा केस दर्ज कराया गया है लेकिन इस सबसे सपाई घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अब विधानसभा चुनाव में विधायक छत्रपाल को सबक सिखाएगी। गांवों में भाजपाइयों को घुसने तक नहीं दिया जाएगा।
दो बार होते-होते बचा सपाइयों और भाजपाइयों में टकराव
सपाई जब धरनास्थल पर पहुंचे और उन्हें पुलिस ने रोका तो कुछ भाजपाइयों ने एमजीएम इंटर कॉलेज से नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर दोनों के बीच टकराव की नौबत बन गई। एसएसआई ने तत्काल उन्हें दूसरे गेट से हटाकर मामला शांत कराया। इसके बाद जब सपाई थाने से ब्लॉक रोड होते हुए पार्टी कार्यालय जा रहे थे तो फिर भाजपा कार्यालय से नारेबाजी होने लगी। पुलिस ने भाजपाइयों को रोका तो वे भी पुलिस से भिड़ गए। उनका कहना था कि सपाइयों को ब्लॉक रोड से क्यों लाया गया, तहसील रोड से ले जाना था। अगर सपाइयों को यहां से जाना था तो चुपचाप बिना नारेबाजी किए जाते। बमुश्किल पुलिस ने फिर मामले को संभाला। यहां भाजपाइयों की भी पुलिस से धक्कामुक्की हुई।
गरमाते माहौल में बुलाया गया कई थानों का फोर्स
सुबह दस बजे से ही सपा कार्यकर्ता धरनास्थल के आसपास इकट्ठा होने लगे थे। साढ़े दस बजे अताउर्रहमान पहुंचे और सपा कार्यकर्ताओं के साथ धरनास्थल की तरफ बढ़े तो माहौल गरमाने लगा। कुछ ही देर में हालात बेकाबू होने की नौबत आ गई तो अफसरों की सांस फूलने लगी। बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने भोजीपुरा, शीशगढ़, शेरगढ़ और देवरनिया थाने के फोर्स के साथ पीएसी को भी बुला लिया।
दोनों तरफ से की गई भड़काऊ नारेबाजी
सपा के धरने को पुलिस ने रोका तो भड़के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार, सीएम योगी और बहेड़ी विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, पास ही एमजीएम इंटर कॉलेज में इकट्ठे भाजपा कार्यकर्ता भी गेट से बाहर निकलकर अताउर्रहमान के खिलाफ नारे लगाने लगे। बीच-बीच में जय श्रीराम के नारे भी गूंजे। दोनों तरफ से भड़काऊ नारेबाजी पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। सपा नेताओं का कहना था कि भाजपा के लोग उन्हें घेरने आए हैं। अताउर्रहमान ने अफसरों से कहा कि भाजपा कार्यकर्ता विवाद करने के लिए आए है। पुलिस और वे लोग चाहे तो ताकत आजमाकर देख ले। इसके बाद उबाल और बढ़ गया। पुलिस ने किसी तरह समझाकर भाजपाइयों को शांत कर भाजपा कार्यालय भेजा। इस दौरान पुलिस के भी पसीने छूट गए।
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