बरेली। जिले में कुत्ते और बंदरों के हमले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वर्ष करीब 40 हजार लोगों को कुत्तों ने तो 12 हजार लोगों काे बंदरों ने काटा। आईडीएसपी प्रभारी के मुताबिक, पशुओं के हमलावर होने के मामले बढ़ रहे हैं।
कुत्ते, बंदर, बिल्ली और अन्य पशुओं के काटने पर वैक्सीनेशन के लिए तीन सौ बेड अस्पताल में एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) क्लीनिक का संचालन दो वर्ष से हो रहा है। कुछ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सुविधा उपलब्ध है। यहां से टीकाकरण की रिपोर्ट आईडीएसपी सेल पहुंचती है। जख्मी लोगों को एआरवी की चार डोज लगती हैं।
आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जो बेहद गंभीर जख्मी होते हैं, उन्हें जिला अस्पताल में एंटी रैबीज सीरम भी निशुल्क लगाई जाती है। अगर टीकाकरण न हो तो जानलेवा रैबीज की चपेट में आने की आशंका रहती है।
बंदरों के हमले में घायल लोगों
के टीकाकरण का मासिक डेटा
वर्ष 2024 जनवरी में 1,795, फरवरी में 2,901, मार्च में 3,341, अप्रैल में 3,712, मई में 3,711, जून में 3,712, जुलाई में 3,541, अगस्त में 4,418, सितंबर में 4,633, अक्तूबर में 2,801, नवंबर में 2,780, दिसंबर में 2,062 डोज बंदरों के हमले से जख्मी हुए लोगों को लगाई गईं। अमर उजाला ब्यूरो