बरेली। होली के रंगों के बीच कुत्तों और बंदरों का आतंक भी बढ़ा है। 24 घंटे में शहर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 46 लोगों को काट लिया। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जिला अस्पताल के एआरवी सेंटर समेत इमरजेंसी में 46 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगी।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक होली के दिन रंग और शोरगुल से जानवर आक्रामक हो जाते हैं और आत्मरक्षा में हमला कर देते हैं। रंग डालने या पटाखे जैसी आवाजों से राहगीरों पर हमला कर देते हैं।
मंगलवार को सुबह से दोपहर एक बजे तक भोजीपुरा से मंगेश, माधोबाड़ी से आरती, सुभाषनगर से विवान, शांति विहार से अनु, डोहरा से प्रीति, सैनिक कॉलोनी से वीरेश, अइयापुर से यशवीर को कुत्ताें ने काटा था, इन्हें एआरवी या एआरएस लगाई गई। चक महमूद की एक महिला को बंदर ने काटा था, इन्हें एआरवी लगाई।
वहीं, जिन्हें गहरा घाव था, उन्हें टेटनस इंजेक्शन भी लगाया गया। डॉक्टर ने होली पर पशुओं को उकसाने या रंग डालने से बचने का सुझाव दिया है। काट ले तो घाव साबुन और साफ पानी से धोने, स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क एआरवी लगवाने को कहा है। झाड़फूंक के भरोसे कतई न रहें।