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संक्रमितों के घरवालों की जांच नहीं निगरानी समिति भी बिना थर्मामीटर

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एडीएम को मीरगंज नगर पंचायत में मिला बुरा हाल, हेल्प डेस्क तक का गठन नहीं
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एमओआईसी नहीं मिले, कितने संक्रमित होम आइसोलेट, यह भी पता नहीं चला

बरेली। कोरोना संक्रमण से लगातार और ज्यादा घिर रहे जिले में कागजों पर बचाव के इंतजाम करके सिस्टम बेफिक्र हो गया है। फरीदपुर में शनिवार को नोडल अफसर को बुरा हाल मिला था, रविवार को एडीएम प्रशासन मीरगंज नगर पंचायत पहुंचे तो वहां भी हालत खराब मिली। हेल्प डेस्क का यहां नामोनिशान तक नहीं था। निगरानी समिति का गठन कर दिया गया था लेकिन उसे न पल्स ऑक्सीमीटर मुहैया कराया गया न थर्मामीटर। पिछले दिनों संक्रमित मिले लोगों के घरवालों की स्वास्थ्य विभाग ने जांच तक नहीं कराई थी। नाराज हुए एडीएम तत्काल सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश देकर मुख्यालय लौट आए।
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रविवार को एडीएम प्रशासन मीरगंज नगर पंचायत पहुंचे तो पाया कि वहां हेल्प डेस्क तक नहीं बनाई गई है। कस्बे की सफाई की जिम्मेदारी पूरी करना तो दूर, खुद पंचायत परिसर में तीन फुट लंबी झाड़ियाें की भरमार थी। हर तरफ गंदगी फैली हुई थी। एक ओवरहेड टैंक भी खराब था। उन्होंने ईओ को तत्काल हेल्पडेस्क बनाने के साथ परिसर में सफाई कराने के निर्देश दिए। निगरानी समिति से पूछताछ की तो पता चला कि उसे ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर जैसी जरूरी चीजें तक नहीं दी गई हैं। यह भी पता चला कि पिछले दो दिनों में दो संक्रमित मिले हैं लेकिन उनके घरवालों की जांच तक नहीं कराई गई। एडीएम ने मेडिकल ऑफिसर को तत्काल उनकी जांच कराने और किट मुहैया कराने के निर्देश दिए। कितने लोगों को होम आइसोलेट किया गया है, यह इस वजह से पता नहीं चल सका क्योंकि एमओआईसी ही मौजूद नहीं थे। एडीएम यह जानकारी अपने कार्यालय में भिजवाने का निर्देश देकर लौट आए।

एलटी संक्रमित, ट्रूनेट मशीन से जांच फिलहाल बंद

बरेली। जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से जांच करने वाले एक लैब टेक्नीशियन के शनिवार को संक्रमित पाए जाने के बाद ट्रूनेट मशीन से जांच कुछ दिनों के लिए बंद कर दी गई है। टेक्नीशियन को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि टेक्नीशियन के संक्रमित मिलने के बाद उसे आइसोलेट कर दिया गया है। अब सैंपल की जांच के लिए दूसरे टेक्नीशियन को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बुधवार तक यह स्थिति बने रहने की आशंका जताई है। ब्यूरो

पंप खराब, पानी के लिए तरसे तीन सौ बेड अस्पताल में भर्ती संक्रमित

तीन सौ बेड अस्पताल में अव्यवस्था का दौर जारी है। शनिवार देर रात पंप खराब हो जाने से टैंक में पानी नहीं भरा जा सका जिसकी वजह से सुबह संक्रमितों को पानी के लिए तरसना पड़ा। कुछ संक्रमितों ने आपत्ति जताई तो उन्हें वाटर कूलर का पानी इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया। हालांकि थोड़ी देर बाद यह पानी भी खत्म हो गया। दोपहर तक पानी की किल्लत बनी रही। शाम को अस्पताल इंचार्ज ने बताया कि खराब पंप ठीक होने के बाद पानी की दिक्कत खत्म हो गई है।
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