बरेली। मोबाइल टॉवर लगाकर कैंट क्षेत्र में सिग्नल मुहैया कराने की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही। अफसरों की ओर से लगातार मिल रहे आश्वासनों से आक्रोशित लोगों ने अब सभासदों का घेरना शुरू कर दिया है। मामले में सभासदों ने कैंट मुख्यालय के प्रधान निदेशक को पत्र भेजकर अफसरों की सुस्ती की शिकायत समेत सिग्नल सुचारू करने की मांग की है। यहां बता दें कि कैंट में कई ऐसे स्थान हैं जहां किसी भी मोबाइल कंपनी के सिग्नल नहीं आते।
कैंट क्षेत्र में बीएसएनएल के अलावा अन्य कंपनियों के मोबाइल टॉवर न होने की वजह से अक्सर नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। करीब दो साल पहले तक अफसरों का तर्क था कि सैन्य क्षेत्र होने की वजह से वह नेटवर्क समस्या को दूर करने में असमर्थ हैं। वहीं साल 2018 में रक्षामंत्रालय ने कैंट समेत सैन्य क्षेत्र में भी आवश्यकतानुसार सेल ऑन व्हील्स (काऊ) मोबाइल टॉवर लगाने को मंजूरी दे दी है। इसके बाद सैन्य अफसरों ने भी लगातार बोर्ड की बैठक में मोबाइल सिग्नल न होने से सैन्य कामकाज प्रभावित होने की बात कही। बावजूद इसके कैंट अफसरों की चाल सुस्त रही। पिछले साल पांच स्थानों पर मोबाइल टॉवर लगाने के लिए जगह भी चिह्रित कर ली गई, फिर भी मोबाइल तक सिग्नल नहीं पहुंचे।
अफसरों का दावा है कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स को टॉवर लगाने के लिए टेंडर निकाले गए हैं, लेकिन कोरम पूरा न होने की वजह से प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। वहीं लोगों के मुताबिक अफसर सुविधा मुहैया कराने में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे, जिसकी वजह से चंद दिनों में संपन्न होने वाली प्रक्रिया में भी लंबा वक्त लग रहा है। लोगों ने सभासदों का मामले में घेराव शुरू कर दिया है। उनके सवालों और आक्रोश को देखते हुए कैंट सभासद वेद प्रकाश तनेजा ने प्रधान निदेशक को पत्र लिखकर कैंट में मोबाइल टॉवर जल्द लगाने की मांग की है। संबंधित मामले में अफसरों को कॉल की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।