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विधायक जी परेशान.. झुमके को क्यों बताया बरेली की पहचान

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फरीदपुर विधायक द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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फरीदपुर विधायक ने फेसबुक पर किया पोस्ट

फरीदपुर। जीरो प्वाइंट पर झुमका लगने के बाद फरीदपुर के भाजपा विधायक ने इस पर तीखी नाराजगी जताते हुए इसे संस्कृति के विपरीत बताया है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर कहा है कि बरेली की पहचान बताने के लिए झुमका ही मिला। बरेली के अहिच्छत्र से प्राप्त गंगा जमुना अथवा कुबेर की मूर्तियों को बनवाया होता। भारतीय रिजर्व बैंक के गेट पर कुबेर की मूर्ति लगी है और राष्ट्रीय संग्रहालय के गेट पर गंगा-यमुना की। उन्होंने उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि बरेली की बर्फी फिल्म में बरेली जुड़ा हुआ है तो क्या बर्फी चौराहा बनाने में लग जाएंगे।
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फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि झुमका को बरेली की पहचान बताना सांस्कृतिक रूप से दिवालिया होने जैसा है। अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा पोस्ट में लिखा है कि अट्ठारह सौ सत्तावन ईसवी के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में बरेली का महान योगदान था। बहादुर शाह जफर की सरकार के रिसालो और इस्तिहारों की बरेली में छपाई होती थी। किले पर पुराना पुल मुगलों के समय का है। विधायक ने कुछ नेताओं पर कटाक्ष करते हुए अपनी पोस्ट में लिखा है कि शिव नगरी या नाथ नगरी का नाम लेने पर उन्हें डर लगता है। पुरानी इमारतों में राजकीय इंटर कॉलेज की बिल्डिंग का अधिकतम भाग ध्वस्त हो चुका है। कैंट का रॉयल होटल खंडहर हो गया। सुभाषनगर की जेल को ही तोड़ने की कोशिश की जा रही है। विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का गुस्सा यहीं पर शांत नहीं हुआ। उन्होंने लिखा कि हमने देश की धोलावीरा, हसनापुर कौशांबी, श्रावस्ती जैसे बरेली क्षेत्र को विकसित कराने की बात की होती तो बरेली का नाम दुनिया में जाना जाता। यहां देश का प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल भी है। विधायक ने पोस्ट रात नौ बजे अपने फेसबुक अकाउंट से की है। भाजपा नेता की इस पोस्ट के बाद स्पष्ट हो गया कि बरेली में जो झुमका लगाया गया है उस पर भाजपा नेता एक मत नहीं है। मेयर ने भी इससे दूरी बना ली थी।
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